
मुख्तार अंसारी को बाहर का खाना देने के खिलाफ योगी सरकार, HC में रिवीजन याचिका दायर की
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गाजीपुर की स्थानीय कोर्ट ने मुख्तार को जेल में बाहर का खाना उपलब्ध कराने की मंजूरी दी है. इसी आदेश का यूपी सरकार विरोध कर रही है. इस मामले की सुनवाई अब 6 जून को होगी.
पूर्वांचल के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. मुख्तार अंसारी को जेल में सुविधा दिए जाने के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक रिवीजन याचिका दाखिल हुई है. यूपी सरकार ने गाजीपुर की जिला कोर्ट के आदेश के खिलाफ ये याचिका दायर की है.
गाजीपुर की स्थानीय कोर्ट ने मुख्तार को जेल में बाहर का खाना उपलब्ध कराने की मंजूरी दी है. इसी आदेश का यूपी सरकार विरोध कर रही है. वहीं, मुख्तार अंसारी ने जिला कोर्ट में खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर बाहर का खाना दिए जाने की इजाजत मांगी थी. बता दें कि मुख्तार अंसारी इस समय यूपी के बांदा जेल में बंद है.
फिलहाल, इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई अब 6 जून को होगी. जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की सिंगल बेंच में इस पूरे मामले को सुना जाएगा.
बता दें कि मुख्तार अंसारी इस समय पर कई केस दर्ज हैं. इस समय वह सलाखों के पीछे हैं. योगी सरकार के पहले ही कार्यकाल से वो जेल के अंदर है. लेकिन यूपी में सीएम योगी की दोबारा सत्ता आते ही मुख्तार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. योगी सरकार निशाने पर मुख्तार के खास सहयोगी और गुर्गे भी हैं. एक ओर जहां मुख्तार की करोड़ों की संपत्ति पर लगातार कार्रवाई हो रही है तो दूसरी उनके गुर्गों की भी प्रॉपर्टी पर प्रशासन लगातार बुलडोजर चला रहा है.
मुख्तार पर लखनऊ के जियामऊ इलाके में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शत्रु संपत्ति हथिया कर उस पर अवैध निर्माण कराने का आरोप है. इस मामले में मुख्तार अंसारी के साथ ही उनके बेटे उमर अंसारी और अब्बास अंसारी पर भी केस दर्ज किया गया था.

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