
मुंबईः 18 करोड़ रुपये की टैक्स धोखाधड़ी मामले में आरोपी को जमानत
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जुलाई 2022 में 18 करोड़ रुपये की टैक्स धोखाधड़ी के एक मामले का भंडाफोड़ हुआ था. इस मामले में साबिर शेख नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया गया था. अब मुंबई की एक अदालत ने इस शख्स को जमानत दे दी है. आरोपी साबिर शेख पर 18 करोड़ रुपये की टैक्स धोखाधड़ी का आरोप है.
इस साल जुलाई महीने में 18 करोड़ रुपये की टैक्स धोखाधड़ी के एक मामले का भंडाफोड़ हुआ था. इस मामले में साबिर शेख नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया गया था. अब मुंबई की एक अदालत ने इस शख्स को जमानत दे दी है. आरोपी साबिर शेख पर 18 करोड़ रुपये की टैक्स धोखाधड़ी का आरोप है. आरोप है कि उन्होंने गलत तरीके से सात करोड़ रुपये से अधिक राशि के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (Input Tax Credit) की धोखाधड़ी की. उनके अकाउंट में 18 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि पाई गई.
सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (सीजीएसटी) के भिवंडी कमिश्नरेट बसवार इंडस्ट्रीज (Bswar Industries) नाम की एक कंपनी के खिलाफ कथित धोखाधड़ी मामलों की जांच कर रहे थे. इसी कड़ी में उन्होंने शेख को गिरफ्तार किया है.
क्या है मामला
विभाग के रिमांड पेपर्स से पता चलता है कि शेख उनके समक्ष पेश हुआ था, जिस दौरान उसका बयान दर्ज किया गया, जिसमें उसने कहा कि वह बसवार इंडस्ट्रीज या इसके मालिक के बारे में कुछ नहीं जानता.
शेख के मुताबिक, मनीष नाम का एक शख्स एक बार उसे बाइक रिपेयरिंग की दुकान और बाद में एक बार में मिला था, जिसने उसे इस बिजनेस के बारे में बताया. मनीष ने कथित तौर पर उसे एक बैंक अकाउंट खुलवाने को कहा, जिसके एवज में उसने शेख को हर महीने 5,000 रुपये देने का आश्वासन दिया. गिरगांव के रहने वाले शेख ने इस ऑफर को स्वीकार कर लिया और बसवार नाम से एक कॉ-ऑपरेटिव बैंक में चालू खाता खुलवा लिया. इसके बाद वादे के मुताबिक मनीष उसे हर महीने 5,000 रुपये देने लगा. मनीष ने शेख से चेकबुक के सभी चेक पर साइन भी करवा लिए.
विभाग ने बताया कि शेख के बयान से यह साफ है कि उसने धोखाधड़ी की मंशा से बसवार के नाम से अपनी इच्छा से यह खाता खुलवाया था. इसी बैंक अकाउंट में लगभग 18 करोड़ रुपये के फर्जी लेनदेन पाए गए.

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