
'मिशन चंद्रयान नए भारत की उस स्प्रिट का प्रतीक जो हर हाल में जीतना जानता है', मन की बात में बोले PM मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में देश को संबोधित करते हुए कहा कि चंद्रयान की सफलता ने सावन में उत्सव के माहौल को कई गुना बढ़ा दिया है. इस दौरान पीएम ने खेल-कूद, पर्यटक, डेयरी उद्योग और जी-20 से जुड़े मामलों पर बात की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में देश को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे याद नहीं पड़ता कि कभी ऐसा हुआ हो कि सावन के महीने में दो बार मन की बात कार्यक्रम हुआ हो. सावन यानी महाशिव का महीना. उत्सव और उल्लास का महीना. पीएम मोदी ने कहा कि चंद्रयान की सफलता ने उत्सव के इस माहौल को कई गुना बढ़ा दिया है. चंद्रयान को चंद्रमा पर पहुंचे 3 दिन का समय हो गया है. इसकी जितनी चर्चा की जाए उतनी कम है. इस दौरान पीएम ने अपनी पुरानी कविता भी सुनाई.
आसमान में सिर उठाकर घने बादलों को चीरकर रोशनी का संकल्प ले अभी तो सूरज उगा है दृढ़ निश्चय के साथ चलकर हर मुश्किल को पार कर घोर अंधेरे को मिटाने अभी तो सूरज उगा है आसमान में सिर उठाकर घने बादलों को चीरकर अभी तो सूरज उगा है.
पीएम मोदी ने कहा कि 23 अगस्त को भारत के चंद्रयान ने साबित कर दिया है कि संकल्प के कुछ सूरज चांद पर भी उगते हैं. मिशन चंदयान नए भारत के स्प्रिट का प्रतीक बन गया है, जो हर हाल में जीतना चाहता है. हर हाल में जीतना जानता भी है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस मिशन में एक पक्ष ऐसा रहा कि जिसकी चर्चा करना चाहता हूं. मैंने इस बार स्वतंत्रता दिवस पर लाल किला से कहा था कि हमें वूमेन लेड डेवलेपमेंट को राष्ट्रीय चरित्र के रूप में सशक्त करना है. जहां महिला शक्ति का सामर्थ्य जुड़ जाता है वहां असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है. भारत का मिशन चंद्रयान नारी शक्ति का भी जीवंत उदाहरण है. इस मिशन में अनेकों महिला वैज्ञानिक सीधे तौर पर जुड़ी रहीं.
पीएम मोदी ने कहा, "भारत की बेटियां अब अनंत समझे जाने वाले अंतरिक्ष को भी चुनौती दे रही हैं. किसी देश की बेटियां जब इतनी आकांक्षी हो जाएं, तो उसे, उस देश को, विकसित बनने से भला कौन रोक सकता है!"
मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि हमने इतनी ऊंची उड़ान इसलिए पूरी की है क्योंकि आज हमारे सपने भी बड़े हैं और हमारे प्रयास भी बड़े हैं. चंद्रयान-3 की सफलता में हमारे वैज्ञानिकों के साथ ही दूसरे सेक्टर्स की भी अहम भूमिका रही है. तमाम पार्ट्स और तकनीकी जरूरतों को पूरा करने में कितने ही देशवासियों ने योगदान दिया है. जब सबका प्रयास लगा तो सफलता भी मिली.

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