
मामूली बहस के बाद LIC एजेंट की सरेआम गोली मारकर हत्या, नेपाल बॉर्डर से पकड़ा गया कातिल दोस्त
AajTak
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि वसीम जब अपने दोस्त फरहान के पास पहुंचा तो उन दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहसबाजी होने लगी. कुछ देर बाद हाथापाई की नौबत आ गई. और इसी दौरान फरहान ने वसीम को गोली मार दी.
LIC Agent Murder Case: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में हत्या का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक युवक ने ही अपने दोस्त का कत्ल कर दिया. पुलिस ने इस मामले में आरोपी को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह विदेश भागने की कोशिश कर रहा था.
बलरामपुर जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) विकास कुमार ने इस मर्डर केस के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मरने वाले की पहचान मोहम्मद वसीम के तौर पर हुई है. वह एक एलआईसी एजेंट के तौर पर काम करता था. बुधवार को उसके दोस्त फरहान ने उसे मिलने के लिए बुलाया था.
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वसीम जब अपने दोस्त फरहान के पास पहुंचा तो उन दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहसबाजी होने लगी. कुछ देर बाद हाथापाई की नौबत आ गई. और इसी दौरान फरहान ने वसीम को गोली मार दी. गोली लगते ही वसीम खून से लहूलुहान हो गया और जमीन पर गिर पड़ा.
एसपी विकास कुमार के मुताबिक, हमले के बाद आरोपी फरहान मौके से फरार हो गया. गोली की आवाज़ सुनकर लोग वहां जमा हो गए और घायल वसीम को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस संबंध में वसीम की बहन ने पुलिस को तहरीर दी. जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली.
मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आ गई और आरोपी फरहान की तलाश शुरू कर दी. इसी दौरान पुलिस को आरोपी के बारे में खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली और पुलिस टीम ने आरोपी फरहान को नेपाल सीमा पर मझगावा पुलिस चौकी से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने बताया कि वो नेपाल भागने की फिराक में था.
पुलिस अधीक्षक (SP) विकास कुमार ने बताया कि अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है. अभी पुलिस को हत्या का मोटिव पता नहीं चला है.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








