
'माफी मांगें या 100 करोड़ का हर्जाना दें', उद्धव गुट के नेता की किरीट सोमैया को दो टूक
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लोकायुक्त ने दापोली में साईं रिसॉर्ट के अवैध निर्माण की याचिका खारिज कर दी. इस याचिका में कहा गया था कि इस रिसॉर्ट का निर्माण 2020 में कोरोना लॉकडाउन के दौरान किया गाय था. इस दौरान सीआरजेड नियमों का उल्लंघन किया गया.
महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के एमएलसी अनिल परब को दापोली रिसॉर्ट मामले में बड़ी राहत मिली है. लोकायुक्त ने महाराष्ट्र के दापोली में अवैध रूप से तैयार किए गए रिसॉर्ट मामले में उन्हें क्लीन चिट दे दी है.
बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद इस मामले में लोकायुक्त को जांच करने के निर्देश दिए गए थे.
लोकायुक्त ने दापोली में साईं रिसॉर्ट के अवैध निर्माण की याचिका खारिज कर दी. इस याचिका में कहा गया था कि इस रिसॉर्ट का निर्माण 2020 में कोरोना लॉकडाउन के दौरान किया गया था. इस दौरान सीआरजेड नियमों का उल्लंघन किया गया. यह भी कहा गया कि रिसॉर्ट को 10 करोड़ रुपये की लागत में तैयार किया गया है, जिसकी जांच की जानी चाहिए. लेकिन लोकायुक्त ने शिकायत पर गौर नहीं कर मामला बंद कर दिया.
लोकायुक्त, जिला अदालत और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) से राहत मिलने के बाद अनिल परब ने सोमैया से बिना किसी शर्त के माफी मांगने को कहा. उन्होंने माफी नहीं मांगने पर सोमैया के खिलाफ 100 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर करने की धमकी दी है
उन्होंने कहा है कि मैंने कोई गलत काम नहीं किया है. मैं निर्दोष हूं लेकिन मेरे खिलाफ जो आरोप लगाए गए, उसका क्या होगा. मेरी बदनामी हुई उसका क्या? मुझे बदनाम किया गया और मेरी छवि खराब करने की कोशिश की गई.
बता दें कि अनिल परब को पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का करीबी माना जाता है. उद्धव की अगुवाई में महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के कार्यकाल के दौरान वह परिवहन मंत्री थे. किरटी सोमैया ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में उनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराई हैं.

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