
माफिया बनाम मठाधीश: यूपी में अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ के बीच जुबानी जंग कहां रुकेगी? | Opinion
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उत्तर प्रदेश में भी जम्मू-कश्मीर और हरियाणा से कोई कम चुनावी माहौल नहीं बना है, जबकि उपचुनावों के तारीख की अभी घोषणा भी नहीं हुई है - मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव एक दूसरे के खिलाफ काफी आक्रामक हो चुके हैं.
अयोध्या की हार पर यूपी में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच जारी संग्राम धीरे धीरे मिल्कीपुर और करहल की जंग में तब्दील होता जा रहा है.
मिल्कीपुर वो सीट है, जहां से समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद विधायक हुआ करते थे - और मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट वो है जो अखिलेश यादव के कन्नौज से संसद पहुंच जाने के चलते खाली हुई है.
अव्वल तो यूपी की 10 सीटों पर उप चुनाव होने जा रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ज्यादा जोर मिल्कीपुर और करहल पर ही दिखाई दै रहा है. करहल विधानसभा सीट मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में आती है, जहां से फिलहाल डिंपल यादव सांसद हैं.
उप चुनावों में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस तो लोकसभा चुनाव की ही तरह मिलकर लड़ेंगे, लेकिन बीएसपी अकेले मैदान में उतर रही है - लेकिन अयोध्या की हार की वजह से बीजेपी के लिए ये उप चुनाव आन, बान और शान का मसला बन चुके हैं.
और इन उप चुनावों की वजह से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है.
हाल ही में एक अखिलेश यादव ने बोल दिया था, 'मठाधीश और माफिया में कोई फर्क नहीं होता' - फिर क्या था, योगी आदित्यनाथ भी ‘... गर्मी ठंडा कर देंगे’ वाले अंदाज में एक बार फिर शुरू हो गये हैं.

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