
मां ने महीनों छिपाई ये बात, पता चला तो खुशी से झूमा इंजीनियर बेटा!
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बेटा विदेश में रहता है, जबकि मां भारत में. अपनी मां की प्रेरक कहानी शेयर करते हुए बेटे ने कहा कि जब उसे हकीकत पता चली तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
एक महिला ने 53 साल की उम्र में 10वीं पास की. इसके बारे में उसके बेटे ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है. सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटा विदेश में रहता है, जबकि मां भारत में. अपनी मां की प्रेरक कहानी शेयर करते हुए बेटे ने कहा कि 10वीं पास करने की बात कई महीनों तक उसे नहीं पता थी, लेकिन जब पता चली तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
दरअसल, हाल ही में प्रसाद जम्भाले (Prasad Jambhale) नाम के शख्स ने अपनी मां के बारे में Linkedin पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट लिखा. Linkedin प्रोफाइल के मुताबिक, प्रसाद आयरलैंड में रहते हैं और एक नामी कंपनी में इंजीनियर हैं. उन्होंने बताया कि कैसे 37 वर्षों बाद उनकी मां ने फिर से पढ़ाई शुरू की और हाईस्कूल की परीक्षा पास की.
प्रसाद लिखते हैं- जब मेरी मां 16 साल की थीं, तभी उनके पिता का निधन हो गया था और इसके बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया. ऐसे में अपने भाई-बहनों की पढ़ाई जारी रखने के लिए मां ने अपनी पढ़ाई छोड़ दी और काम करना शुरू कर दिया. पिछले साल एक टीचर ने उन्हें बताया कि एक सरकारी स्कीम के तहत वे अपनी 10वीं की परीक्षा दोबारा दे सकती हैं.
प्रसाद ने बताया कि उनकी मां ने स्कूल में दिसंबर 2021 में दाखिला ले लिया, लेकिन इसके बारे में उन्होंने किसी को बताया नहीं. जब भी प्रसाद शाम को घर पर फोन करते तो बताया जाता कि मां टहलने गई हैं. जबकि हकीकत में वो पढ़ने गई होती थीं. महीनों तक उन्होंने स्कूल और पढ़ाई के बारे में किसी को कुछ नहीं बताया. बता दें कि महाराष्ट्र में ऐसे स्कूल खोले गए हैं, जिनमें रात को भी पढ़ाई करवाई जाती है. कॉपी-किताबों का खर्च भी सरकार उठाती है. 79% नंबरों से पास की 10वीं
प्रसाद ने आगे बताया कि जब मैं एक दिन भारत वापस आया तो मां ने मुझे अपनी नोटबुक दिखाई, जिसे देखकर मैं चौंक रह गया. दरअसल, वो हर सब्जेक्ट में काफी अच्छी थीं. पढ़ाई छोड़ने के इतने साल बाद भी उन्होंने अपने सभी सब्जेक्ट में अच्छा प्रदर्शन किया था. उन्होंने 10वीं में 79.60% अंक हासिल किए. प्रसाद ये देखकर वो खुशी से झूम उठे. उन्होंने लिखा कि मुझे अपनी मां पर बहुत गर्व है.
बेटे ने अपनी मां का रिपोर्ट कार्ड भी शेयर किया है. अपनी मां की तारीफ करते हुए बेटे ने कहा कि उन्होंने दिखा दिया कि कभी भी सीखना बंद न करें, भले ही 10वीं पास करने के लिए 53 साल की उम्र तक इंतजार ही क्यों न करना पड़े.

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