
महाराष्ट्र के सीमावर्ती क्षेत्रों के 25 गांव होना चाहते हैं तेलंगाना में शामिल, जानिए वजह
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महाराष्ट्र और तेलंगाना की सीमा पर बसे 25 गांव के लोग तेलंगाना राज्य में शामिल होना चाहते हैं. ग्रामीणों ने खुलकर अपनी इस मांग को सरकार के पास पहुंचाया है. गांव वालों ने कहा पहले भी 40 गांव के लोगों ने तेलंगाना में शामिल होने की मांग की थी. मगर, तत्कालीन सरकार ने रोक लिया था.
महाराष्ट्र और तेलंगाना की सीमा पर बसे 25 से ज्यादा गांव तेलंगाना राज्य में शामिल होना चाहते हैं. अपनी मांग को इन गांवों के लोगों ने पत्र लिखकर कलेक्टर के पास भी पहुंचा दिया है. साथ ही तेलंगाना राज्य में क्यों शामिल होना चाहते हैं इसकी वजह भी पत्र में लिखकर बताई है.
अब देखना है कि राज्य सरकार ग्रामीणों की इस मांग पर क्या कदम उठाती है. आप भी जानिए आखिर क्यों 25 से ज्यादा गांव के लोग तेलंगाना में शामिल होना चाहते हैं.
पहले जानिए मांग किन गांवों ने उठाई
तेलंगाना राज्य में शामिल होने की मांग 25 गांवों के लोगों ने उठाई गई है. ये सभी गांव नांदेड़ जिले के धर्माबाद तहसील के सीमावर्ती क्षेत्र के हैं. उन्हीं गांवों में शामिल बन्नाली गांव के लोगों ने भी जिले के डीएम को अपना पत्र पहुंचाया है. पत्र व्यवहार ग्राम पंचायत के ग्रामसेवक के माध्यम से किया गया है. इस पत्र में ग्रामीणों ने तेलंगाना में शामिल होने की मांग का कारण स्पष्ट किया है.
तेलंगाना में शामिल होने की मांग की वजह
आजतक ने बन्नाली गांव के लोगों से महाराष्ट्र छोड़कर तेलंगाना में शामिल होने की उनकी मांग का कारण पूछा. इस पर गांव वालों ने कहा, ''पांच साल पहले सीमावर्ती चालीस गांव महाराष्ट्र छोड़कर तेलंगाना में शामिल होने के लिए तैयार हुए थे. मगर, तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार ने विकास का आश्वासन देकर दूसरे राज्य में शामिल होने से रोक लिया था."

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