
महाराष्ट्र के वसई में बुलडोजर एक्शन, 34 बिल्डिंग ढहाने पहुंची प्रशासन की टीम
AajTak
सई (विरार) महानगरपालिका में कुल 41 बिल्डिंग ऐसी थीं, जो आरक्षित जगह पर बनाई गई थीं. इन 41 इमारतों में से ही 7 को तोड़ दिया गया है. पहली अतिक्रमण ड्राइव के बाद अब दूसरी ड्राइव चलाई जा रही है, जिसमें बाकी 34 इमारतों को निशाना बनाया जा रहा है.
महाराष्ट्र के वसई में प्रशासन ने बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है. यहां 41 इमारतों को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है, जिनमें से 7 को पहले ही ढहाया जा चुका है. अब प्रशासन बाकी बची 34 इमारतों को तोड़ने के लिए डिमोलिशन ड्राइव चला रहा है. बता दें कि यहां ये बुलडोजर एक्शन हाई कोर्ट के आदेश के बाद लिया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक वसई (विरार) महानगरपालिका में कुल 41 बिल्डिंग ऐसी थीं, जो आरक्षित जगह पर बनाई गई थीं. इन 41 इमारतों में से ही 7 को तोड़ दिया गया है. पहली अतिक्रमण ड्राइव के बाद अब दूसरी ड्राइव चलाई जा रही है, जिसमें बाकी 34 इमारतों को निशाना बनाया जा रहा है.
अतिक्रमण हटाने तक की जाएगी कार्रवाई
बताया जा रहा है कि अतिक्रमण हटाने के लिए चलाए जा रहे बुलडोजर एक्शन के बारे में पहले ही प्रशासन की टीम ने लोगों को बता दिया था. यहां रहने वाले लोगों को महानगरपालिका ने अल्टीमेटम दिया था. इसके बाद ही आज यह एक्शन शुरू किया गया है. मनपा अधिकारी का कहना है कि अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई तब तक की जाएगी, जब तक हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर लिया जाता.

जिस अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमले कर जंग की शुरुआत की थी, उसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ये ऐलान किया कि अमेरिका अगले 5 दिनों के लिए युद्ध विराम कर रहा है यानी जंग को रोक रहा है. अब सवाल ये है कि जंग के पहले हफ्ते में जब ट्रंप ने ये दावा किया था कि ईरान की ताकत को वो पूरी तरह कुचल चुके हैं तो फिर भी ईरान इस जंग को तीसरे हफ्ते तक कैसे खींच ले गया.

आज ईरान-अमेरिका युद्ध का 24 वां दिन है. आज युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान आया. ट्रंप ने ऐलान किया है कि अगले पांच दिनों तक ईरान के पावर और इनर्जी के ठिकानों पर हमले नहीं होंगे. ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को युद्ध की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है. हालांकि ईरान की तरफ से अमेरिकी के साथ किसी तरह की बातचीत का खंडन किया गया है, ईरान का यही दावा है कि उनकी धमकी के डर से अमेरिकी राष्ट्रपति झुक गए. अब सवाल यही है क्या ट्रंप के सीजफायर से युद्ध रुक जाएगा.

गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह के सदस्य नौशाद अली उर्फ लालू को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है. वह पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान की आड़ में काम कर रहा था. गिरोह के सरगना सुहेल समेत 22 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं. यह गैंग रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजता था, जिसके बदले 4-6 हजार रुपये मिलते थे. दिल्ली-हरियाणा में लगाए कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग भी पाकिस्तान तक पहुंच रही थी. पुलिस जांच जारी है.

राजकोट में एक डॉक्टर के क्लिनिक में स्पाई कैमरा लगाकर निजी वीडियो रिकॉर्ड कर 25 लाख रुपये की उगाही के मामले में पुलिस ने डॉ. कमल नांढा को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने 3000 से ज्यादा वीडियो बनाकर स्थानीय पत्रकारों के जरिए ब्लैकमेल किया. राजकोट साइबर क्राइम पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जबकि 11 आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है.

महायुद्ध के 24 दिन हो चुके हैं. खबरदार की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ताजा यूटर्न से. डोनाल्ड ट्रंप ने आज शाम ऐलान किया कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को उन्होंने फिलहाल टाल दिया है. ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चली बातचीत के बाद ये फैसला लिया गया है.








