
महाराष्ट्र के पूर्व विधायक ने औरंगजेब को बताया पवित्र व्यक्ति, कहा- राजनीति के लिए किया जा रहा बदनाम
AajTak
महाराष्ट्र की मालेगांव सीट से पूर्व विधायक ने औरंगजेब को राजनीति के लिए बदनाम किए जाने का आरोप लगाया है. पूर्व विधायक ने कहा है कि औरंगजेब एक बहुत पवित्र व्यक्ति था.
फरवरी महीने में एक फिल्म आई थी छावा. संभाजी के जीवन पर आधारित छावा फिल्म की रिलीज के बाद मुगल बादशाह औरंगजेब पर बहस तेज हो गई थी. खुल्दाबाद में औरंगजेब का मकबरा गिराने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन हुए और नागपुर में हिंसा भड़क उठी थी. तीन महीने बाद अब फिर से महाराष्ट्र में औरंगजेब को लेकर बहस का नया दौर शुरू होता दिख रहा है.
मालेगांव विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक रहे आसिफ शेख ने औरंगजेब को बहुत पवित्र व्यक्ति बता दिया है. मालेगांव के पूर्व विधायक आसिफ शेख ने कहा है कि औरंगजेब बहुत पवित्र व्यक्ति था. औरंगजेब को केवल राजनीति के लिए बदनाम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने टोपी सिलकर दो वक्त का खाना कमाया, खाना खाया.
यह भी पढ़ें: औरंगजेब की कब्र का मामला पहुंचा UN, खानदान के वारिस ने चिट्ठी लिखकर की सुरक्षा की मांग
आसिफ शेख ने यह भी कहा कि औरंगजेब एक ऐसा व्यक्ति था, जो सभी धर्मों का सम्मान करता था. पूर्व विधायक आसिफ शेख ने यह भी कहा कि औरंगजेब सभी धर्मों के साथ सद्भाव से पेश आता था. औरंगजेब को बदनाम कर उसके नाम पर वोट हासिल करना और राजनीति करना, महाराष्ट्र में इस समय यही चल रहा है.
यह भी पढ़ें: UP: औरंगजेबपुर का नाम बदलने की उठी मांग, कासिम नकवी ने सीएम योगी को लिखा पत्र
गौरतलब है कि आसिफ शेख कांग्रेस के टिकट पर मालेगांव सीट से विधायक रहे हैं. बाद में वह कांग्रेस छोड़ शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में शामिल हो गए थे. आसिफ शेख एनसीपी में भी अधिक समय तक नहीं रहे और पार्टी छोड़ दी. फिलहाल वह किसी भी राजनीतिक पार्टी में नहीं हैं.

देश की सर्वोच्च अदालत ने UGC के नए नियमों से सामान्य वर्ग को नफरती करके फंसाए जाने की आशंका को गंभीरता से लिया है. कॉलेज कैंपस में भेदभाव रोकने के नाम पर 13 जनवरी के नियमों को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. इसके बाद सामान्य वर्ग की राजनीतिक ताकत और इस मुद्दे के व्यापक मायनों पर चर्चा तेज हो गई है. जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए इन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक ने इसके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्रयागराज माघ मेले से लौटे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सरकार को गोहत्या और मांस निर्यात के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है. शंकराचार्य ने साफ कहा है कि अगर सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की गईं, तो वे मुख्यमंत्री को नकली हिंदू घोषित करेंगे. यह बयान राजनीतिक और सामाजिक विवादों को जन्म दे सकता है क्योंकि गोहत्या और मांस निर्यात जैसे मुद्दे प्रदेश के भीतर संवेदनशील विषय हैं.

झारखंड फेडरेशन ऑफ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने राज्य के चार ऐसे जिलों की रेल कनेक्टिविटी समेत अन्य आवश्यक मांगों को लेकर यूनियन बजट में शामिल करने की बात कही है जहां आज तक रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है. आदित्य मल्होत्रा ने इन जिलों के लिए रेल परिवहन के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह कदम कैसे क्षेत्रीय विकास में सहायक होगा.

उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में फिर बर्फबारी की संभावना है. वहीं, दिल्ली-NCR में 31 जनवरी से 2 फरवरी तक बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है. मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के लिए भी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

जम्मू कश्मीर से हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर लगातार भारी बर्फबारी जारी है. इस बर्फबारी के कारण खूबसूरत नजारे देखने को मिल रहे हैं, जिससे बड़ी तादाद में पर्यटक इन इलाकों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं. मौसम के इस बदलाव ने कई रास्ते बंद कर दिए हैं जिससे कई जगहों पर यातायात जाम की स्थिति बनी है. श्रीनगर समेत पुलवामा, कुलगाम, शोपिया, गुरेज और अन्य क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है.

मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. अमेरिका ने USS Abraham Lincoln कैरियर ग्रुप अरब सागर में तैनात कर ईरान पर हमले की धमकी दी है. ईरान डर से अपने न्यूक्लियर साइट्सको गहराई में छिपा रहा है. टनल सील कर रहा है. ड्रोन कैरियर शहीद बघेरी को बंदर अब्बास से 6 किमी दूर रखा है. IRGC 1-2 फरवरी को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लाइव-फायर एक्सरसाइज करेगा.

दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो काजल की हत्या के मामले अब नई परतें खुल रही हैं. उसके परिजनों ने पति अंकुर पर हत्या के साथ-साथ पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड होने के गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा है कि काजल के पास उसके काले कारनामों के राज़ थे. हत्या से पहले वीडियो कॉल और डंबल से हत्या के आरोपों ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया है.






