
मराठवाड़ा में आफत का मानसून: हजारों घर डूबे, फसलें चौपट और 31 लाख किसानों की उम्मीदें दांव पर
AajTak
मराठवाड़ा में 50 साल में सबसे भारी बारिश ने खेतों से लेकर घरों तक सब कुछ तबाह कर दिया. 70 लाख एकड़ फसल चौपट, हजारों घर टूटे, मवेशी बह गए और कई गांव पानी में डूबे. 31 लाख किसानों की उम्मीदें दांव पर हैं. सरकार ने राहत पैकेज की घोषणा की है, लेकिन लोग और प्रशासन दोनों ही पानी और तबाही से निपटने में जुटे हैं.
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और पश्चिमी इलाकों में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है. जगह-जगह बाढ़ जैसे हालात हैं, लोग फंसे हुए हैं और फसलों से लेकर घर तक तबाह हो गए हैं. सिर्फ पिछले चार दिनों में 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 150 से ज्यादा गांव बारिश की चपेट में आ गए हैं.
क्या कहता हैं IMD का डेटा
18 से 24 सितंबर के बीच राज्यभर में बारिश का पैटर्न गड़बड़ रहा. पुणे, रत्नागिरी, रायगढ़ और ठाणे में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई, जबकि सतारा और सांगली में कम बारिश रिकॉर्ड हुई. मराठवाड़ा के जिलों जैसे धाराशिव, बीड, जालना और हिंगोली में सामान्य से कई गुना ज्यादा बारिश दर्ज की गई.
मराठवाड़ा, जहां 90% खेती बारिश पर निर्भर है और जो राज्य की 16% आबादी का घर है, वहां तबाही सबसे ज्यादा हुई. आठ जिलों वाले इस इलाके में धाराशिव में 376% ज्यादा बारिश, जबकि बीड में 187% ज्यादा बारिश हुई. हालात को देखते हुए राज्य कैबिनेट ने 31 लाख किसानों के लिए 2,215 करोड़ रुपये के राहत पैकेज को मंजूरी दी है.
मराठवाड़ा, जहां 90% खेती बारिश पर निर्भर है और जो राज्य की 16% आबादी का घर है, वहां तबाही सबसे ज्यादा हुई. आठ जिलों वाले इस इलाके में धाराशिव में 376% ज्यादा बारिश, जबकि बीड में 187% ज्यादा बारिश हुई. हालात को देखते हुए राज्य कैबिनेट ने 31 लाख किसानों के लिए 2,215 करोड़ रुपये के राहत पैकेज को मंजूरी दी है.
असमान बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें 23-24 सितंबर के बीच कई जिलों में बारिश सामान्य से कम रही लेकिन नासिक, चंद्रपुर और गढ़चिरोली में सामान्य से ज्यादा पानी बरसा. जलगांव, धाराशिव, बीड, संभाजीनगर और धुले में भी भारी बारिश हुई. वहीं विदर्भ के नागपुर, गोंदिया और वर्धा में कम बारिश रिकॉर्ड हुई.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.










