
ममता बनर्जी के पास ये हैं 5 ट्रंप कार्ड, जिनके चलते उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता
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कोलकाता डॉक्टर रेप-मर्डर केस को लेकर ममता बनर्जी बुरी तरह घिर गई हैं, लेकिन ये कोई पहली बार नहीं है. ममता बनर्जी को 31 साल पहले राइटर्स बिल्डिंग से बाहर खदेड़ दिया गया था, और 18 साल बाद वो मुख्यमंत्री बन कर लौटी थीं - आखिर ममता बनर्जी के पॉलिटिकल पावर का राज क्या है?
31 साल पहले ममता बनर्जी को राइटर्स बिल्डिंग से बाहर फेंक दिया गया था. तब से लेकर अभी तक पहली बार ममता बनर्जी खुद को मुसीबतों से बुरी तरह घिरा हुआ पा रही होंगी. तब तो ममता बनर्जी ने राजनीतिक विरोधियों को आगे बढ़ कर आपने दांव से ढेर कर दिया था - क्या अब भी ममता बनर्जी में वो करिश्मा बचा हुआ है.
कोलकाता रेप-मर्डर केस को लेकर पश्चिम बंगाल में डॉक्टर हड़ताल पर चले गये थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आश्वस्त करने पर काम पर लौट आये. नबन्ना प्रोटेस्ट के दौरान भी खूब बवाल हुआ है, और ममता बनर्जी किसी भी दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं हैं.
अपने राजनीतिक विरोधियों, विशेष रूप से बीजेपी, को ललकारते हुए ममता बनर्जी ने कहा है, 'अगर आप बंगाल जलाएंगे तो असम, पूर्वोत्तर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा... और दिल्ली भी जलेंगे.'
दिल्ली से ममता बनर्जी का आशय निश्चित तौर पर केंद्र सरकार से ही होगा, और बाकी जिन राज्यों का नाम लिया है वहां बीजेपी का ही शासन है. हिमंत बिस्वा सरमा जैसे नेताओं ने जब पलटवार किया, तो ममता बनर्जी को सफाई भी देनी पड़ी है,
ममता बनर्जी का कहना है कि उन्होंने जो कुछ भी बोला है, वो सिर्फ बीजेपी के खिलाफ है. कहती हैं, मैंने उनके खिलाफ इसलिए बोला, क्योंकि केंद्र सरकार के समर्थन से वे हमारे यहां लोकतंत्र को खतरे में डाल रहे हैं... और अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.
डॉक्टरों के लिए ममता बनर्जी का कहना है, मैं साफ कर देना चाहती हू कि मैंने छात्रों या उनके आंदोलन के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला है... मैं उनके आंदोलन का पूरा सपोर्ट करती हूं... उनका आंदोलन सच्चा है... मैंने उनको कभी धमकी नहीं दी, जैसा कुछ लोग मुझ पर आरोप लगा रहे हैं... ये आरोप पूरी तरह बकवास है.

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