
भारत में हमले के लिए पाकिस्तान में बनी 'टेरर कैबिनेट', J-K में वारदातों के पीछे ये 10 आतंकी
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इंडिया टुडे की दो हिस्सों में जारी होने वाली खोजी सीरीज के दूसरे भाग में स्थापित आतंकी संगठनों के बीच एक नई सांठगांठ का खुलासा हुआ है. इसके अलावा यह भी सामने आया है कि आतंक के इस मेल-मिलाप को ISI ने अंजाम दिया है. अलग-अलग आतंकियों को रणनीतिक रूप से प्रमुख विभाग बांटे गए हैं. जिसके बाद उसका असर पहले के मुकाबले बढ़ गया है.
हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में लगातार बढ़ते आतंकी हमले को लेकर इंडिया टुडे ने जब खुफिया जानकारी की समीक्षा की तब कुछ चौंकाने वाली जानकारी निकलकर सामने आई. खुफिया रिपोर्ट से मालूम पड़ता है कि जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर हाल ही में हुए आतंकवादी हमलों के पीछे पाकिस्तान की सेना का हाथ होने की संभावना है. दरअसल पाक की सेना ने कई गैरकानूनी संगठनों के बीच मध्यस्थता करके उनके बीच काम को बांटने का एक नया सिंडिकेट तैयार किया है.
इसके पीछे की पूरी प्लानिंग की बात करें तो बीते ठंड की शुरुआत में पाकिस्तान के बहावलपुर में कई कुख्यात आतंकवादी संगठनो का जमावड़ा लगा था. इसमें जैश-ए-मोहम्मद (JeM) प्रमुख मसूद अजहर, अल बद्र कमांडर बख्त ज़मीन, हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन और कई अन्य आतंकी शामिल थे. खुफिया रिपोर्टों के अनुसार आतंकियों के बीच यहां एक गठबंधन तैयार हुआ.
इसके बाद विभिन्न आतंकी इकाइयों के बीच भर्ती, प्रशिक्षण, हथियार और गोला-बारूद, फंडिंग, राशन-पानी और प्रचार-प्रसार जैसे कार्यों को विभाजन हुआ और सबको अपना-अपना काम आवंटित कर दिया गया. चुनाव से पहले जम्मू-कश्मीर में जो खून बह रहा है उसके पीछे जो पाक का जो नया आतंकी मंत्रिमंडल जिम्मेदार है उसके बारे में आप यहां जान सकेंगे.
1. बख्त जमीन खान
अफगानिस्तान में आतंक से जुड़े काम को अंजाम देने का अनुभव रखने वाला बख्त जमीन खान एक अनुभवी आतंकवादी है. ऐसा कहा जाता है कि इसने कथित तौर पर अपने भाड़े के सैनिकों के साथ पाकिस्तान की ओर से कारगिल युद्ध में हिस्सा लिया था. अब इसके पास नए आतंकी अभियान के समन्वय की जिम्मेदारी है. उसने स्कूलों और कॉलेजों सहित शैक्षणिक संस्थानों का एक सफल व्यावसायिक नेटवर्क भी तैयार किया है.
बख्त जमीन खान अपने काम-काज के नेटवर्क से आतंक के लिए फंड जुटाता है. इसे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में आतंकी शिविरों में भी जाते देखा गया है. पाकिस्तान और अफगानिस्तान में कट्टरपंथियों के साथ उसके संबंध बख्त जमीन खान को पाकिस्तानी सेना और मसूद अजहर एवं सैयद सलाहुद्दीन जैसे अन्य आतंकियों के साथ प्रभावी ढंग से समन्वय के लिए एक फिट कैंडिडेट बनाता है.

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