
भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी एप्स के स्ट्रेंज वर्ल्ड में आखिर क्या छिपा है?
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नियामकीय (Regulatory) चिंताओं के बावजूद ट्रेंड-आधारित माइक्रो-बेटिंग ऑनलाइन सट्टेबाजी भीरतीय बाजार में तेजी से फल-फूल रही है. थिंक चेंज फोरम द्वारा एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी का बाजार अगले कुछ वर्षों में 8.59% की वार्षिक दर से बढ़ने का अनुमान है. इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) जैसे प्रमुख टूर्नामेंट अक्सर इन नंबरों को बल प्रदान करते हैं.
दिल्ली की हवा की गुणवत्ता से लेकर नासा के अगले अंतरिक्ष मिशन की टेस्टिंग तक या फिर चैटजीपीटी (Chat GPT) के अगले वर्जन की घोषणा हो, इन सब पर नए जमाने के माइक्रो-बेटिंग प्लेटफॉर्म पर दांव लगाने के विकल्प मौजूद हैं. इसे यूज करने वालों के लिए किसी भी घटनाओं पर केवल 1 रुपए जितना कम दांव लगाने का भी विकल्प मौजूद है. यह एक ऐसा बाजार है जो पारंपरिक क्षेत्रों, जैसे खेलों की लोकप्रियता के सहारे पनपा था. लेकिन अब इसका विस्तार एक असंभावित जगह तक हो गया है.
मशरूम की तरह उपज रहे इन प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स के लिए न्यूज सहित कई सामान्य सी घटनाओं पर सबसे छोटा से छोटा दांव लगाने के ऑप्शन मौजूद हैं.
इंडिया टुडे की OSINT टीम ने यहां लगाए जाने वाले कई दांव को करीब से देखा और इनकी गतिविधियों को समझने की कोशिश की, जहां इसके खेल के दायरे से बाहर फलने-फूलने के संकेत मिले. हालांकि, ये तर्क अक्सर कानूनी कवच प्रदान करने के लिए दिया जाता है. ये प्लेटफॉर्म अपने कैजुअल वातावरण के कारण नए यूजर्स को अपनी ओर खींचने में सफल होते हैं, लेकिन इन मामलों के जानकार यहां के व्यवसाय और उसकी वैधता पर सवाल उठाते हैं.
थिंक चेंज फोरम की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी का बाजार अगले कुछ वर्षों में 8.59% की वार्षिक दर से बढ़ने का अनुमान है. इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) जैसे प्रमुख टूर्नामेंट अक्सर इन नंबरों को बल प्रदान करते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, तमाम प्रतिबंधों के बावजूद भारत के सट्टेबाजी और ऑनलाइन जुआ बाजार ने उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है. जिसमें क्रिकेट से जुड़ी सट्टेबाजी प्रमुखता से शामिल है. इतना ही नहीं क्रिकेट न सिर्फ इस मार्केट को लीड कर रहा है, बल्कि इसके लगातार विस्तार का कारण भी बनकर सामने आ रहा है.
इवेंट्स और बेटिंग ऐप्स
ओपिनियन-आधारित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म प्रोबो के 2 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं. यूट्यूब वीडियो एनालिटिक्स से लेकर मौसम की भविष्यवाणी करने तक, गुड़गांव स्थित यह फर्म यूजर्स को प्रति इवेंट रु. 25,000 की अधिकतम सीमा के साथ पैसा लगाने की अनुमति देती है. यूजर्स यहां कम से कम रु. 1 का भी दांव लगा सकते हैं. यहां इस बात पर भी दांव खेला जा सकता है कि देश की राजधानी में वायु गुणवत्ता 'मॉडरेट' रहेगी या ' सैटिसफैक्ट्री'.

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