
भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में जमकर बरसे बादल, 24 वर्षों बाद अगस्त में हुई 265 mm बारिश... औसत से 34.5% ज्यादा
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भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में अगस्त 2025 में 265 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 2001 के बाद सबसे अधिक. यह 13वीं बार है, जब 1901 के बाद से अगस्त में इतनी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. जून से अगस्त तक क्षेत्र में 614.2 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 27% अधिक है.
मौसम विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत में इस साल अगस्त में 265 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 2001 के बाद इस महीने में सबसे अधिक है और 1901 के बाद यह 13वीं बार है, जब अगस्त में इतनी वर्षा दर्ज की गई है.
इस मानसून सीजन के तीनों महीनों- जून, जुलाई और अगस्त में उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से अधिक बारिश हुई है. आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, जून में 111 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 42 प्रतिशत अधिक है. जुलाई में 237.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 13 प्रतिशत ज्यादा है. अगस्त में 265 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 197.1 मिमी से 34.5 प्रतिशत अधिक है.
असामान्य बारिश के साथ प्राकृतिक आपदाएं
कुल मिलाकर, 1 जून से 31 अगस्त तक उत्तर-पश्चिम भारत में 614.2 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 484.9 मिमी से 27 प्रतिशत अधिक है. इस असामान्य बारिश के साथ-साथ कई प्राकृतिक आपदाएं भी देखने को मिलीं. पंजाब में पिछले कई दशकों की सबसे भयंकर बाढ़ आई, जहां उफनती नदियों और टूटी नहरों ने हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को जलमग्न कर दिया और लाखों लोगों को विस्थापित कर दिया.
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