
भारत के आस-पास मंडरा रहे रूसी तेल के जहाज, अमेरिका के एक ऐलान के बाद बढ़ी हलचल
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मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के कारण तेल आपूर्ति संकट गहरा हो रहा है. लेकिन भारत के लिए ज्यादा दिक्कत की बात नहीं है क्योंकि बड़ी मात्रा में रूसी तेल भारत के पास समुद्र में मौजूद है. अमेरिका ने भारत को रूसी तेल की खरीद को लेकर अस्थायी छूट दे दी है जिससे भारत के लिए चीजें और आसान हो गई हैं.
मध्य-पूर्व में चल रही जंग से पैदा हुए तेल-गैस की सप्लाई संकट के बीच भारत को तेल बेचने के लिए रूस जैसे तैयार बैठा था. जैसे ही अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने पर प्रतिबंधों से छूट दी, वैसे ही अब खबर आ रही है कि रूस ने भारत की पहुंच के भीतर समुद्र में 1.5 करोड़ बैरल से अधिक तेल तैनात कर रखा है.
शिप ट्रैकिंग डेटा के आधार पर तैयार की गई ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कच्चा तेल अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में एक दर्जन से अधिक टैंकरों पर मौजूद है. ये कार्गो फिलहाल या तो नहीं बिके हैं या इनका तेल किस बंदरगाह पर उतारा जाना है, यह तय नहीं है. ऐसे में ये जहाज एक हफ्ते या उससे भी कम समय में भारत पहुंच सकते हैं.
इसके अलावा करीब 70 लाख बैरल रूसी यूराल्स तेल लेकर आठ और जहाज सिंगापुर के पास खड़े हैं और वो भी लगभग एक हफ्ते में भारत पहुंच सकते हैं. इसके अलावा कुछ और खेपें भूमध्यसागर और स्वेज नहर के रास्ते पूरब की ओर बढ़ रही हैं, जो एक महीने से कम समय में भारत पहुंच सकती हैं.
भारत का शीर्ष तेल आपूर्तिकर्ता था रूस
फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत रियायती रूसी तेल का बड़ा आयातक बन गया था. लेकिन अमेरिकी दबाव के कारण भारत ने हाल के समय में इस खरीद को काफी कम कर दिया था और फरवरी में सऊदी अरब भारत का शीर्ष तेल आपूर्तिकर्ता बन गया.
लेकिन अब मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण सऊदी, यूएई जैसे देशों से आने वाले तेल में भारी गिरावट आई है. इसी वजह से अमेरिका ने भारत को एक महीने की छूट दी है ताकि वो फिर से रूसी तेल खरीद सके.

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