
ईरान पर प्रचंड प्रहार की तैयारी में US, डोनाल्ड ट्रंप की हिटलिस्ट में IRGC के टॉप कमांडर!
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अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी दी है. उनका कहना है कि यदि ईरान ने सरेंडर नहीं किया तो उसके लिए खौफनाक प्लान तैयार है. वहीं ईरान भी लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों से पलटवार कर रहा है.
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच तनाव लगातार चरम पर पहुंचता जा रहा है. अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी दी है. उन्होंने संकेत दिया है कि यदि ईरान ने झुकने से इनकार किया तो उसके सैन्य ढांचे और नेतृत्व पर विनाशकारी हमले किए जाएंगे.
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना के बी-2 बॉम्बर और कई लड़ाकू विमान पहले से ही ईरान के अलग-अलग ठिकानों पर हमले कर रहे हैं. इन हमलों के जरिए ईरान की सैन्य ताकत और ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. इस बीच डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के कई मतलब निकाले जा रहे हैं.
पहला, ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद अब ईरान की ताकतवर सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानी IRGC अगला बड़ा निशाना बन सकती है. दूसरा, अमेरिका का संदेश है कि ईरान के पास अभी भी सरेंडर का विकल्प मौजूद है. तीसरा, यदि ईरान नहीं झुका तो उसे पूरी तरह तबाह करने की योजना तैयार है.
डोनाल्ड ट्रंप यह भी संकेत दे चुके हैं कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए जरूरी नहीं कि जमीनी सैन्य ऑपरेशन किया जाए. अमेरिका का दावा है कि वह हवाई और मिसाइल हमलों के जरिए ही ईरान को झुकाने की क्षमता रखता है. दरअसल IRGC ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य संस्थाओं में से एक मानी जाती है.
अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान की सैन्य रणनीति और हमलों की कमान काफी हद तक इसी संगठन के शीर्ष कमांडरों के हाथ में बताई जा रही है. मिडिल ईस्ट में कई हमलों, अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने और इजरायल पर पलटवार के पीछे भी इसी संगठन की भूमिका बताई जा रही है.
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर पहले ही साफ कर चुकी है कि अमेरिका के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं होगी. अली खामेनेई की मौत का बदला लिया जाएगा. संगठन ने यह भी संकेत दिए हैं कि ईरान जल्द ही ऐसे उन्नत हथियार इस्तेमाल कर सकता है जिनका बड़े पैमाने पर युद्ध में अब तक इस्तेमाल नहीं हुआ है.

अमेरिका लगातार ईरान को धमका रहा है. हथियार डालने की अपील कर रहा है. ट्रंप तो यहां तक कह रहे हैं कि झुक जाओ नहीं तो मौत निश्चित है. लेकिन ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं है. ईरान झुक नहीं रहा है, उस पर लगातार इजरायल और अमेरिका के हवाई हमले हो रहे हैं. लेकिन ईरान भी पूरा जवाब दे रहा है. इस बीच ट्रंप ने ये साफ कर दिया है कि खामेनेई के बेटे मुज्तबा खामेनेई को अगर ईरान ने सुप्रीम लीडर बनाया तो वो अमेरिका को स्वीकार नहीं होंगे.

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श्रीलंका के गाले तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी के हमले में डूबे ईरानी युद्धपोत IRIS Dena से मिले 84 नाविकों के शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो गया है. इनमें से 80 शवों की पहचाकर ली गई है. जहाज भारत के विशाखापत्तनम से नौसैनिक अभ्यास में भाग लेकर ईरान लौट रहा था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर के चयन में अपनी अहम भूमिका की बात कही है. उन्होंने कहा कि मोजतबा खामेनेई को वे स्वीकार नहीं करते. इस बयान पर ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबज़ादेह ने जवाब दिया. नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग 2026 के दौरान खतीबज़ादेह ने कहा कि ट्रंप न्यूयॉर्क के मेयर तक चुन नहीं सकते, फिर भी वह ईरान के सुप्रीम लीडर का चयन करने की बात कर रहे हैं. देखें वीडियो.

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