
ईरान में जंग की कीमत चुका रहा US, इस सस्ते ड्रोन से ट्रंप आर्मी के छूटे पसीने... तकनीक भी किया हाईजैक
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ईरान के साथ जारी युद्ध में अमेरिका को भारी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक जंग के पहले 100 घंटों में अमेरिका करीब 3.7 अरब डॉलर खर्च कर चुका है. ईरान के सस्ते ड्रोन हमलों को रोकने के लिए अमेरिका को बेहद महंगे मिसाइल सिस्टम इस्तेमाल करने पड़ रहे हैं, जिससे युद्ध की लागत तेजी से बढ़ रही है.
ईरान के साथ जारी सैन्य टकराव में भले ही अमेरिका को रणनीतिक और तकनीकी बढ़त हासिल हो, लेकिन इस जंग की आर्थिक कीमत लगातार बढ़ती जा रही है. युद्ध के शुरुआती चार दिनों में ही अमेरिका को हजारों करोड़ रुपये खर्च करने पड़े हैं और अगर संघर्ष लंबा चला तो यह बोझ और भी बढ़ सकता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक जंग के पहले करीब 100 घंटों यानी शुरुआती चार दिनों में अमेरिका ने लगभग 3.7 अरब डॉलर यानी करीब 34,000 करोड़ रुपये खर्च कर दिए. इसका मतलब है कि अमेरिका को हर दिन करीब 891 मिलियन डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं. यह अनुमान वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रेटजिक इंटरनेशनल स्टडीज ने लगाया है.
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विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के शुरुआती चरण में सबसे ज्यादा खर्च इसलिए होता है क्योंकि इसमें अत्याधुनिक और महंगे हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है. यही वजह है कि शुरुआती हमलों में अमेरिका को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ा.
ईरान की रणनीति के आगे US का एयर सुपीरियरिटी भी फेल
इस जंग में ईरान ने एक अलग रणनीति अपनाई है. ईरान बड़े पैमाने पर सस्ते लेकिन घातक ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है. ये ड्रोन एकतरफा हमले के लिए बनाए जाते हैं और लक्ष्य से टकराकर विस्फोट करते हैं.

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