
भारत-अमेरिका के बीच 2+2 बैठक में क्या रहा खास? जानिए बड़ी बातें
Zee News
भारत और अमेरिका के विदेश मंत्रियों और रक्षा मंत्रियों के बीच बैठक हुई. बैठक में दोनों देशों के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध और कोविड 19 समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई. भारत ने किया साफ कि विदेश नीति में किसी की भी दखलअंदाजी स्वीकार नहीं होगी.
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच सोमवार को हुई दो मुलाकातों ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर दोनों देशों की स्थिति को लगभग साफ कर दिया. खासकर इस मुलाकात में अमेरिका को भारत से जो उम्मीदें थीं, उसकी वो उम्मीदें पूरी नहीं हुईं. अमेरिका के किसी भी दबाव का भारत पर असर नहीं हुआ और इसकी साफ तस्वीर टू प्लस टू के बाद हुई प्रेस वार्ता में दिख गई. सभी ने एक साथ प्रेस को भी संबोधित किया. Had a very meaningful and in-depth discussion at the 2+2 Ministerial Meeting in Washington DC. Concluded a productive and substantive 2+2 Ministerial Meeting.
रक्षा मंत्री ने ट्वीट कर साझा की जानकारी During the meeting, we shared our assessments of the situation in our neighbourhood and Indian Ocean Region. Discussed contemporary challenges and issues in an open and constructive manner. Resolved that our strategic partnership would continue to grow and play a greater role in shaping the direction of world affairs.

SU-30MKII को F-35 ने उड़ने तक नहीं दिया! बेस पर ही किया भस्म; वेनेजुएला में अमेरिका और रशिया में जंग
SU-30MKII Vs F35 in War: अमेरिका ने पहले वेनेजुएला की एयर डिफेंस तबाह की, फिर F-35B स्टेल्थ जेट से SU-30MKII को जमीन पर ही नष्ट कर दिया. आसमान साफ होते ही डेल्टा फोर्स ने कराकस में घुसकर राष्ट्रपति मादुरो को दबोच लिया, बिना फुल-स्केल युद्ध छेड़े.

US Air Force B-1B Lancer bombers: B-1B लांसर बॉम्बर्स की तैनाती प्रशांत क्षेत्र में बढ़ाने की तैयारी में है. इसका मुख्य कारण इन विमानों में Long Range Anti-Ship Missile (LRASM) का शामिल किया जाना है. इससे इन्हें दुश्मन के समुद्री बेड़े पर हमला करने की बड़ी क्षमता मिलती है. अमेरिका B-1B बॉम्बर्स को चीन के तेजी से बढ़ते सतह युद्धपोत बेड़े के मुकाबले एक असमान रणनीतिक हथियार के तौर पर देख रहा है.

F-15 Eagle fighter jet: आवाज की रफ्तार से भी तेज और मौत की तरह सटीक, यह एक ऐसे लड़ाकू विमान की कहानी है जिसने आज तक हार का स्वाद नहीं चखा. जब यह आसमान में निकलता है, तो दुश्मन के रडार कांपने लगते हैं और उसके पायलटों के पास केवल भागने का रास्ता बचता है. साल 2025 तक के इतिहास में इस विमान ने 100 से ज्यादा हवाई मुकाबले किए हैं और हर बार यह विजेता बनकर ही लौटा है.

