
भारतीय मूल के OpenAI 'व्हिसलब्लोअर' ने सैन फ्रांसिस्को में की आत्महत्या,वजह साफ नहीं
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न्यूयॉर्क टाइम्स में छपे एक इंटरव्यू में 23 अक्टूबर को बालाजी ने तर्क दिया था कि OpenAI उन व्यवसायों और उद्यमियों को नुकसान पहुंचा रहा है, जिनके आंकड़ों का उपयोग चैटजीपीटी को तैयार करने के लिए किया गया था.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ओपनएआई (OpenAI) के भारतीय मूल के एक पूर्व कर्मचारी (26) ने सैन फ्रांसिस्को में आत्महत्या कर ली. 'द मर्करी न्यूज' ने सैन फ्रांसिस्को पुलिस और चीफ मेडिकल एग्जामिनर ऑफिस के हवाले से बताया कि सुचिर बालाजी 26 नवंबर को सैन फ्रांसिस्को के बुकानन स्ट्रीट स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए. मेडिकल एग्जामिनर कार्यालय ने कहा कि यह आत्महत्या का मामला है, वहीं पुलिस अधिकारियों ने कहा कि 'फिलहाल, इसमें किसी गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं है.'
कंपनी बिजनेस मॉडल को लेकर मुकदमों का सामना कर रही है बालाजी को नामी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी के क्रियाकलापों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाना जाता था. कंपनी अपने बिजनेस मॉडल को लेकर मुकदमों का सामना कर रही है. खबर में कहा गया है कि बालाजी ने तीन महीने पहले OpenAI पर चैटजीपीटी तैयार करते समय अमेरिकी कॉपीराइट कानून का उल्लंघन करने का सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था.
OpenAI के खिलाफ कई मामले दर्ज आरोपों के सामने आने के बाद लेखकों, कंप्यूटर प्रोग्रामरों और पत्रकारों ने ओपनएआई के खिलाफ एक के बाद एक कई मामले दर्ज कराए. उनका कहना है कि कंपनी ने अपने कार्यक्रम को तैयार करने और इसके मूल्य को 150 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक बढ़ाने के लिए अवैध रूप से उनकी कॉपीराइट सामग्री चुराई है.
न्यूयॉर्क टाइम्स में छपे एक इंटरव्यू में 23 अक्टूबर को बालाजी ने तर्क दिया था कि OpenAI उन व्यवसायों और उद्यमियों को नुकसान पहुंचा रहा है, जिनके आंकड़ों का उपयोग चैटजीपीटी को तैयार करने के लिए किया गया था. खबर में कहा गया है कि बालाजी ने ओपनएआई छोड़ दिया, क्योंकि वह अब उन टेक्नोलॉजी में योगदान नहीं देना चाहते थे, जिनके बारे में उनका मानना था कि वे समाज को लाभ पहुंचाने के बजाय नुकसान पहुंचाएंगी. इस बीच मर्करी न्यूज की खबर के अनुसार बालाजी की मां ने अपने बेटे की मौत पर शोक जताते हुए निजता का अनुरोध किया है.

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