
भारतीय दूतावासों पर हिंसक प्रदर्शन करने वालों का पासपोर्ट और OCI कार्ड होगा रद्द, एक्शन लेने की तैयारी में सरकार
AajTak
सरकार ने खालिस्तानी आतंकियों के खिलाफ सख्त रवैया अपना लिया है. इसके साथ ही विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों और संस्थाओं के सामने हिंसक प्रदर्शन करने वालों के पासपोर्ट, ओसीआई (OCI) यानि ओवरसीज सिटिजन आफ इंडिया कार्ड रद्द हो सकते हैं.
सरकार ने खालिस्तानी आतंकियों के खिलाफ सख्त रवैया अपना लिया है. सूत्रों के मुताबिक, अब खलिस्तानियो के खिलाफ बड़ा एक्शन होने जा रहा है और देश मे मौजूद भगोड़े खलिस्तानियो की प्रॉपर्टी जब्त की जाएगी. विदेश में भारतीय संस्थानों, काउंसलेट और दूतावास को नुकसान पहुंचाने या फिर वहां हिंसक प्रदर्शन करने वालों के पासपोर्ट, ओसीआई (OCI) यानि ओवरसीज सिटिजन आफ इंडिया कार्ड रद्द हो सकते हैं.
कानूनी कार्रवाई भी होगी
इतना ही नहीं इनकी जानकारी भारत के सारे एयरपोर्ट पर दी जाएगी और भारत में इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का खाका भी तैयार किया जाएगा. जांच एजेंसिया भारत के हितों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ ऐेसे कड़े कदम उठाने की तैयारी में है. पिछले कुछ महीनों के दौरान जितने भी प्रदर्शन हुए हैं उनके सारे डीटेल्स यूके, कनाडा, अमेरिका और अन्य देशों को दिए जा चुके हैं.
ये भी पढ़ें: कनाडा में मर्डर, पंजाब में छापे... गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के 1000 गुर्गों के पीछे पड़े 5000 पुलिसवाले
भारत की छवि धूमिल करने वालों पर होगा एक्शन
शुरुआती तौर पर ऐसे लोगों की सूची बनाई जा रही है जो लगातार ऐसे प्रदर्शन में सक्रिय रहते हैं जिसका मकसद भारत की छवि को धूमिल करना होता है. जिसके बाद योजना यह भी बनाई जा रही है कि अन्य एजेंसियां भी इस मामले में अपनी जांच शुरू करेंगी.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








