
ब्रेक ठीक काम कर रहे थे, लाइट्स भी सही थीं... फिर कैसे हुआ कुर्ला बस हादसा? RTO अफसरों ने बताई ये वजह
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Kurla Bus Accident: आरटीओ अधिकारियों के अनुसार, इंस्पेक्शन टीम ने बस के अंदर लगे सभी तीन सीसीटीवी कैमरों की जांच की, और उनके फुटेज से पता चलता है कि पूरी दुर्घटना 52 से 55 सेकंड के भीतर घट गई. ई-बस ने पहले वाहन से टकराने के बाद 400 से 450 मीटर की दूरी तय की और अंत में कुर्ला स्टेशन वेस्ट से साकीनाका की ओर जाते समय एसजी बर्वे रोड पर एक हाउसिंग सोसाइटी की दीवार से टकरा गई.
मुंबई के कुर्ला में 10 दिसंबर की रात एक अनियंत्रित BEST बस ने लोगों को कुचल दिया. इस दुर्घटना में 7 लोगों की मौत हो गई और 42 अन्य घायल हो गए. आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि उन्हें संदेह है कि 'मानवीय भूल' और 'उचित प्रशिक्षण की कमी' के कारण यह भीषण दुर्घटना हुई.
बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) की ई-बस ने कुर्ला (पश्चिम) में एसजी बर्वे रोड पर सोमवार रात लगभग 9.30 बजे पैदल यात्रियों और वाहनों को टक्कर मार दी. बस ड्राइवर संजय मोरे (54) को गिरफ्तार कर लिया गया है. घटना के कुछ घंटे बाद वडाला आरटीओ की एक टीम मौके पर पहुंची और दुर्घटना में शामिल ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड कंपनी की इलेक्ट्रिक बस को मुंबई पुलिस की मदद से रात 12.30 बजे दुर्घटनास्थल से हटाया, जिसे करीब 1.15 बजे कुर्ला डिपो ले जाया गया.
मोटर वाहन निरीक्षक भरत जाधव के नेतृत्व में आरटीओ टीम ने मंगलवार सुबह बेस्ट के कुर्ला डिपो में दुर्घटनाग्रस्त बस का निरीक्षण पूरा किया. टीम ने पाया कि बस के ब्रेक अच्छी तरह से काम कर रहे थे. आम तौर पर मोटर वाहन निरीक्षक ही निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वाहनों का निरीक्षण करते हैं, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी आरटीओ पल्लवी कोठावड़े अन्य अधिकारियों के साथ खुद कुर्ला पहुंचीं और इंस्पेक्शन के दौरान मौजूद रहीं.
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बस के ब्रेक ठीक काम कर रहे थे, लाइटें सही थीं
महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट कमिश्नर विवेक भीमनवार ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि आरटीओ टीम ने बस की जांच की है, लेकिन ओलेक्ट्रा के इंजीनियरों की रिपोर्ट का अभी भी इंतजार है. उन्होंने कहा, 'हमारी टीम ने निर्धारित एसओपी के अनुसार बस की जांच की है. हम अपनी जांच रिपोर्ट मुंबई पुलिस को सौंपेंगे.' नाम न बताने की शर्त पर एक आरटीओ अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि जब आरटीओ टीम ने बस का निरीक्षण किया, तो उन्होंने पाया कि बस के ब्रेक ठीक काम कर रहे थे. हालांकि, वे अपनी रिपोर्ट सौंपने से पहले कुछ और चीजों की जांच करना चाहते हैं और इसलिए उन्होंने ओलेक्ट्रा और BEST दोनों से कुछ विवरण मांगे हैं.

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