
'बेटे को मारने की वजह सोनम के मुंह से सुनूंगी, तभी मुझे चैन मिलेगा', राजा को याद करते हुए रो पड़ी मां
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Honeymoon murder case: मेघालय में हनीमून ट्रिप के दौरान राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी और 4 अन्य आरोपियों पर शक की सुई गहरा गई है. राजा के परिवार ने सोनम से गहन पूछताछ की मांग की है ताकि इस सनसनीखेज हत्याकांड की पूरी सच्चाई सामने आ सके.
इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. मेघालय में हनीमून ट्रिप के दौरान 23 मई को राजा की हत्या के मामले में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी और चार अन्य आरोपियों पर शक की सुई गहरा गई है. राजा के परिवार ने सोनम से गहन पूछताछ की मांग की है ताकि इस सनसनीखेज हत्याकांड की पूरी सच्चाई सामने आ सके.
राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी ने कहा, "सोनम ने आठ दिन की पुलिस हिरासत के दौरान जांचकर्ताओं को गुमराह किया और हत्या के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई. उचित पूछताछ के लिए उसे लंबे समय तक पुलिस हिरासत में रखा जाना चाहिए." उन्होंने सोनम और चार अन्य आरोपियों को विस्तृत जांच के लिए इंदौर लाने की मांग की.
सचिन ने यह भी आरोप लगाया कि इतनी बड़ी साजिश अकेले रचना संभव नहीं है और सोनम के रिश्तेदारों व दोस्तों की भी इसमें भूमिका हो सकती है. उन्होंने सोनम के पूरे परिवार की नार्कोएनेलिसिस जांच की मांग दोहराई.
राजा की मां उमा रघुवंशी अपने बेटे को याद करते हुए रो पड़ीं और बोलीं, "सोनम ने मेरे बेटे को क्यों मारा? उससे, उसके दोस्तों और सभी करीबी लोगों से विस्तार से पूछताछ होनी चाहिए. मेरे बेटे का क्या कसूर था? जब तक मैं इसका जवाब सोनम के मुंह से नहीं सुनूंगी, मुझे चैन नहीं मिलेगा."
मेघालय पुलिस ने इस मामले में सोनम, उनके कथित प्रेमी राज कुशवाह और उनके तीन दोस्तों—विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी को गिरफ्तार किया है. शिलांग की एक अदालत ने गुरुवार को सोनम और राज कुशवाह की पुलिस हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी, जबकि बाकी तीन आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की सोनम से 11 मई को शादी हुई थी. दोनों 20 मई को हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए थे. 23 मई को राजा लापता हो गए, और 2 जून को उनका क्षत-विक्षत शव पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा (चेरापूंजी) में एक झरने के पास गहरी खाई से बरामद हुआ. सोनम ने 8 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया, जबकि अन्य चार आरोपियों को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया.

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