
बीवी का कत्ल, लूट का ड्रामा और सनसनीखेज खुलासा... इस साल की सबसे पेचीदा मर्डर मिस्ट्री की पूरी कहानी
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मध्य प्रदेश के जबलपुर में लूटपाट और एक महिला के कत्ल की कहानी से पुलिस ने पर्दा उठा दिया है. जबलपुर पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. इस हत्याकांड का साजिशकर्ता मृतिका का पति ही निकला है. उसने अपने तीन दोस्तों को सुपारी देकर उसकी हत्या कराई थी.
मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए रेशमा मर्डर केस के सभी चार आरोपियों को मंगलवार को जेल भेज दिया गया. इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी रेशमा का पति शुभम चौधरी है, जिसने अपने तीन दोस्तों के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था. चारों आरोपियों को पुलिस ने एक दिन की रिमांड में लिया था. मंगलवार को उनको कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया. आरोप है कि शुभम ने अपने दोस्त प्रहलाद सिहं ठाकुर, शिब्बू चौधरी और अनुराग के साथ मिलकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी और लाश को लेकर पूरे शहर में घूमता रहा. पुलिस से बचने के लिए उसने लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी.
इस मामले की जांच के दौरान पुलिस कई जगहों पर शक हुआ. इसके बाद पुलिस ने जब गहनता से जांच की तो पूरा मामला पलट गया. इसके बाद जो कहानी सामने आई, उसे सुनकर पुलिस भी सन्न रह गई. पता चला कि शुभम ने ही अपनी बीवी की हत्या की है. लेकिन यह कई सवाल भी खड़े हुए. पहला सवाल यही कि आखिर उसे क्या जरूरत पड़ी की उसने रेशमा की हत्या कर दी? इस पूरी साजिश के पीछे की वजह क्या रही? आखिर साजिश की शुरुआत कैसे हुई और पुलिस ने इस ड्रामे का अंत कैसे कर दिया? ये सब जानने के लिए इस पूरे वाकये को सिलसिलेवार तरीके से समझना होगा. कहानी कुछ इस प्रकार है.
4 मई रात 9.30 बजे माढ़ोताल मारघटाई जबलपुर
शुभम चौधरी अपनी बीवी रेशमा चौधरी और डेढ़ साल के बच्चे के साथ अपनी बोलेरो गाड़ी से अपने ससुराल मदर टेरेसा नगर जा रहा था. लेकिन रास्ते में एक जगह पर लुटेरों ने उसे घेरकर उसकी बीवी का कत्ल ही कर डाला. लूटपाट की इस वारदात के बाद बदहवास पति अपनी बीवी को उसी हालत में लेकर पहले मौका ए वारदात से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर अपने ससुराल पहुंचा और फिर उनकी मदद से उन्हें लेकर अस्पताल गया. लेकिन डॉक्टरों ने जहां उसकी बीवी को मुर्दा करार दिया, वहीं खुद उसके जख्मों की मरहम पट्टी कर दी. शुभम ने सबको बताया कि लुटेरों ने गला घोंट कर रेशमा का कत्ल कर दिया.
विरोध करने पर उसके सिर पर पत्थर से हमला किया, जिससे वो बेहोश हो गया. इसके बाद बदमाशों ने लूटपाट के दौरान उसकी गाड़ी पर भी हमला किया और उसके शीशे चकनाचूर कर डाले, लेकिन जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो उसे हर कदम पर हैरानी हुई. पुलिस ने पूरी रात मौका ए वारदात के आस-पास के पूरे रिहायशी इलाके में करीब सौ घरों में दस्तक दी और वहां रहने वाले लोगों को जगा-जगा कर लूटपाट की ऐसी किसी वारदात के बारे में पूछा, लेकिन पुलिस को इतनी कोशिश के बावजूद ऐसा एक भी आदमी नहीं मिला, जिसने वहां लूटपाट होते हुए देखा हो. इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाल डाले.
लेकिन पुलिस को वहां बताए गए वक़्त पर कोई भी संदिग्ध लुटेरा आता-जाता हुआ दिखाई नहीं दिया. अब पुलिस को शक होने लगा था. लिहाजा पुलिस ने चुपके से शुभम के मोबाइल की सीडीआर यानी कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाई. इसके बाद उसके बरेला इलाके में मौजूद घर से लेकर उसके ससुराल के पूरे रूट की स्कैनिंग की, लेकिन इस कोशिश में देखा कि उसके मोबाइल फोन की लोकेशन घर से ससुराल के सीधे रास्ते में ना हो कर शहर के कई अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे रही थी. इससे भी ज्यादा अजीब बात ये थी कि वो और उसकी पत्नी के मोबाइल फोन के साथ तीन और नंबर भी ट्रैवल करते दिख रहे थे.

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