
बिहार में किस करवट लेगी सियासी बयार? राजदीप सरदेसाई ने बताए जीत तय करने वाले 5 X-फैक्टर
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इंडिया टुडे के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई ने बिहार में पांच प्रमुख
बिहार में चुनावी बिगुल आधिकारिक तौर पर बज चुका है. चुनाव आयोग द्वारा 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में वोटिंग के ऐलान के साथ, एक बेहद अहम राजनीतिक मुकाबले का मंच तैयार है. लेकिन इस अहम मुकाबले में किसका पलड़ा भारी है? 14 नवंबर को नतीजों का इंतज़ार करते हुए, इंडिया टुडे के कंसल्टिंग एडिटर, राजदीप सरदेसाई पांच अहम 'एक्स-फ़ैक्टर्स' की ओर इशारा कर रहे हैं, जो आखिरकार जीत का फैसला कर सकते हैं.
1. एनडीए के लिए अंकगणितीय बढ़त
कागज़ों पर, यह दौड़ राजनीतिक अंकगणित के आधार पर एनडीए की स्पष्ट बढ़त से शुरू होती है. सत्तारूढ़ एनडीए एक बड़ा गठबंधन है, जिसमें बीजेपी, जेडीयू, जीतन राम मांझी की पार्टी, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं. यह मोर्चा संख्यात्मक रूप से विपक्ष यानी आरजेडी, कांग्रेस और वामपंथी दलों के गुट से ज़्यादा मज़बूत है.
2. केमेस्ट्री का चैलेंज
हालांकि गणित एनडीए के पक्ष में हो सकता है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर राजनीतिक समीकरण मुकाबले को और दिलचस्प बना देते हैं. ज़्यादातर सर्वेक्षणों से पता चलता है कि आरजेडी के तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री पद के लिए पसंदीदा विकल्प हैं. हालांकि, उनकी सबसे बड़ी चुनौती आरजेडी के पारंपरिक मुस्लिम-यादव (एम-वाई) वोट आधार से आगे अपनी अपील का विस्तार करना है.
3. नीतीश कुमार फ़ैक्टर

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