
बिहार: दागी मंत्रियों के मुद्दे पर अब बीजेपी घिरी, पिछली सरकार में उसके 79% मंत्रियों पर थे आपराधिक केस
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महागठबंधन सरकार में जेडीयू, आरजेडी, कांग्रेस और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) के कुल 31 विधायकों ने 16 अगस्त को मंत्री पद की शपथ ली. नई कैबिनेट में आरजेडी से सबसे ज्यादा 16, जेडीयू के 11, कांग्रेस से 2, हम से एक और एक निर्दलीय विधायक को जगह दी गई है.
बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद नए मंत्रिमंडल के गठन को लेकर विपक्ष में बैठी बीजेपी लगातार महागठबंधन सरकार पर हमलावर है. वह आरोप लगा रही है कि अब प्रदेश में अपराधियों का बोलबाला होगा.
कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह की ताजपोशी को लेकर बीजेपी ने मोर्चा खोल रखा है. उसका कहना है कि जिस दिन एक विधायक को कोर्ट में सरेंडर करना था, आखिर कैसे उन्होंने उसी दिन मंत्री पद की शपथ ले ली.
बीजेपी आरोप लगा रही है कि नीतीश कुमार की महागठबंधन के साथ बनी सरकार की कैबिनेट में बहुत सारे दागी मंत्री हैं. तो आइए जानते हैं बिहार में बीजेपी-जेडीयू के मंत्रिमंडल और नई महागठबंधन सरकार के मंत्रिमंडल में कितने दागी रहे.
महागठबंधन सरकार में 72% मंत्री दागी
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) ने 16 अगस्त को नीतीश कुमार के नेतृत्व में नवगठित महागठबंधन सरकार की कैबिनेट में शामिल 33 में से 32 मंत्रियों के एफिडेविट के हवाले से एक रिपोर्ट जारी की है.
इस रिपोर्ट के मुताबिक 32 में से 27 मंत्री यानी कैबिनेट के 72 फीसदी मंत्री दागी हैं यानी उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. मौजूदा सरकार की कैबिनेट में 17 यानी 53 फीसदी मंत्री ऐसे हैं, जिनके खिलाफ गंभीर धाराओं में आपराधिक मामले दर्ज हैं.

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