
बिहार के नवादा में CBI टीम पर हमला, UGC NET पेपर लीक की जांच के लिए पहुंचे थे अफसर
AajTak
UGC NET परीक्षा धांधली की जांच करने के लिए सीबीआई की टीम आज नवादा के कसियाडीह गांव पहुंची थी, जहां पर ग्रामीणों ने उन पर हमला बोल दिया. ग्रामीणों को शक हुआ कि सीबीआई की टीम नकली है और इसीलिए उन पर हमला किया और उनके गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए.
UGC NET पेपर लीक की जांच करने पहुंची सीबीआई टीम पर हमले की खबर सामने आई है. मिली जानकारी के अनुसार घटना शनिवार शाम की है. टीम बिहार के नवादा जिले के कसियाडीह गांव पहुंची थी, यहां पर ग्रामीणों ने उन पर हमला बोल दिया. हालांकि पहले जानकारी मिली थी कि ग्रामीणों ने CBI टीम को नकली समझकर हमला किया था, लेकिन असल में जब टीम ने कार्रवाई के तहत पेपर लीक में इस्तेमाल हुए फोन को जब्त किया तो तुरंत ही आरोपी के परिवार वालों और ग्रामीणों ने हमला बोल दिया.
घटना में 200 लोगों के खिलाफ FIR घटना की खबर मिलने के बाद रजौली थाना के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर सीबीआई के चार अधिकारियों को सुरक्षित निकाला. इस घटना में एफआईआर दर्ज की गई है और चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में तकरीबन 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है.
शनिवार शाम की है घटना रजौली एसडीपीओ ने बताया है कि घटना शनिवार शाम को हुई थी. सीबीआई की टीम एक घर पर छापेमारी करने पहुंची थी और उन्होंने वह फोन भी जब्त कर लिया था जिसका इस्तेमाल UGC NET पेपर लीक मामले में किया गया था. जैसे ही सीबीआई ने यह फोन जब्त किया, घर के लोगों ने सीबीआई की टीम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया और फिर मौके पर इकट्टा हुए ग्रामीण भी सीबीआई की टीम पर हमलावर हो गए.
शिक्षा मंत्रालय ने NEET-UG की जांच CBI को सौंपी शिक्षा मंत्रालय ने NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों का मामला व्यापक जांच के लिए CBI को सौंप दिया है. राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने 5 मई 2024 को OMR (पेन और पेपर) मोड में NEET-UG परीक्षा आयोजित की थी.
बता दें कि इस परीक्षा में गड़बड़ी और धांधली का मामला सामने आया था. परीक्षा में पारदर्शिता के लिए शिक्षा मंत्रालय ने एक समीक्षा की. इसके बाद इस मामले को व्यापक जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का फैसला किया है.
बता दें कि केंद्र सरकार ने NEET और UGC-NET परीक्षाओं में कथित अनियमितता को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए लेकर बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 को अधिसूचित किया, जिसका उद्देश्य देशभर में आयोजित होने वाले प्रतियोगी और सामान्य प्रवेश परीक्षाओं में फर्जीवाड़े को रोकना है.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









