
बिलकिस बानो केस में गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की पुनर्विचार याचिका
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सुप्रीम कोर्ट ने 8 जनवरी को बिलकिस बानो की अर्जी पर हत्या और रेप मामले में उम्रकैद की सजा पाए 11 दोषियों को रिहाई के 17 महीने बाद वापस जेल भेजने का फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में गुजरात सरकार के समय से पहले दोषियों की रिहाई के आदेश को रद्द कर दिया था. अब गुजरात हाईकोर्ट ने पुनर्विचार याचिका दायर की है.
बिलकिस बानो के दोषियों को वापस जेल भेजने के मामले पर गुजरात सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची है. गुजरात सरकार ने बिलकिस के दोषियों की उम्रकैद की सजा पूरी होने से पहले रिहा करने को पलट देने वाले फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर की है. सरकार ने कोर्ट से अपने फैसले में गुजरात सरकार के खिलाफ कड़ी टिप्पणियों को हटाने की गुहार लगाई है.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 8 जनवरी को बिलकिस बानो की अर्जी पर हत्या और रेप मामले में उम्रकैद की सजा पाए 11 दोषियों को रिहाई के 17 महीने बाद वापस जेल भेजने का फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में गुजरात सरकार के समय से पहले दोषियों की रिहाई के आदेश को रद्द कर दिया था.
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में गुजरात सरकार के खिलाफ कड़ी टिप्पणियां भी की थीं. राज्य सरकार ने उनको हटाने का आग्रह करते हुए पुनर्विचार याचिका दायर की है. इसमें कहा गया है कि कोर्ट अपने फैसले से 'बिलकिस बानो मामले में राज्य ने दोषियों के साथ मिलकर काम किया', जैसी सरकार विरोधी टिप्पणियों को हटा दें.
गुजरात सरकार ने अपनी याचिका में कहा कि ऐसी टिप्पणियों से पूर्वाग्रह पैदा होता है. गुजरात सरकार ने कहा कि उसने सर्वोच्च न्यायालय के 2022 के आदेश के अनुसार ही कार्य किया है. सरकार का फैसला शक्ति का दुरुपयोग नहीं था.

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