
बागेश्वर धाम से 12 साल की बच्ची हुई लापता, बिहार से झाड़-फूंक कराने आया था परिवार, पुलिस ने नहीं दर्ज की FIR
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Bageshwar Dham: बिहार के नालंदा निवासी पुरोहित संतोष पांडेय अपनी पत्नी और बेटी के साथ छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम 27 अगस्त को पहुंचे हुए थे और अर्जी लगाने के लिए 29 अगस्त को दरबार हॉल के पास खड़े हुए थे. इसी दौरान भीड़ में उनकी बेटी उनसे अलग हो गई. तब से बच्ची लापता है.
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला स्थित बागेश्वर धाम से लोगों के लापता होने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. लगातार लोगों की भीड़ बढ़ने की वजह से बागेश्वर धाम जाने वाले कुछ भक्त अपने परिवार के सदस्यों से बिछड़ जाते हैं. गुमशुदा लोगों का काफी समय तक अता-पता नहीं लगता. वहीं, कुछ लोग बाद में मिल भी जाते हैं. अब ऐसा ही एक और ताजा मामला सामने आया है.
बिहार के नालंदा निवासी पुरोहित संतोष पांडेय अपनी पत्नी और बेटी के साथ छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम 27 अगस्त को पहुंचे हुए थे और अर्जी लगाने के लिए 29 अगस्त को दरबार हॉल के पास खड़े हुए थे. इसी दौरान भीड़ में उनकी बेटी उनसे अलग हो गई. तब से बच्ची लापता है. बच्ची के माता-पिता का कहना है कि उन्होंने बमीठा पुलिस थाने में शिकायत की. लेकिन उनकी शिकायत पर कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई.
बेटी की झाड़-फूंक कराने लाए थे बागेश्वर धाम नालंदा बिहार में पंडिताई करने वाले पुरोहित संतोष पांडे का कहना है, ''मैं नालंदा जिले के सिलाव थाना क्षेत्र के तहत दरियासराय गांव का रहने वाला हूं. मेरी 12 वर्षीय बेटी प्रियंका कुमारी बहुत तनाव में रहती है. इस कारण से मैं अपनी बेटी को झाड़-फूंक के लिए छतरपुर जिले के ग्राम गढ़ा स्थित बागेश्वर धाम लेकर आया था. साथ में अपनी पत्नी शोभादेवी को साथ लेकर 27 अगस्त को गढ़ा पहुंचा था. दरबार में अर्जी लगाने के लिए धाम पर ही रुका था.''
अचानक लापता हो गई
संतोष पांडे ने बताया कि 29 अगस्त को दरबार लगा हुआ था, वहां पर वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ हॉल के बाहर भीड़ में मौजूद थे और इस भीड़ में अचानक बेटी लापता हो गई. जिसके बाद आसपास खूब तलाश की, मगर बेटी का कहीं पता नहीं लगा. ये भी पढ़ें:- बागेश्वर धाम से गायब हो रहे लोग, 4 महीने के भीतर हुए 21 लापता
पुलिस ने दर्ज नहीं की FIR

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