
'...बधाई के नारे सुनता हूं, तो जिम्मेदारी का अहसास होता है', जन्मदिन पर बोले अखिलेश यादव
AajTak
सपा प्रमुख ने कहा, 50, 51, 52 जितना भी जीवन आगे जाएगा, उससे अब कम ही बचा है. इसलिए संकल्प ले लिया है कि जो रास्ता नेताजी ने बनाया, दिखाया लोहिया के सिद्धांत, जेपी के सिद्धांत पर चलकर किसान और गरीब की खुशहाली के लिए काम होगा.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने जन्मदिन के मौके पर खास बातचीत की. इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि मेरे 50 से जन्मदिन पर, जिन सभी ने मुझे बधाई दी उसके लिए धन्यवाद देता दूं. सपा प्रमुख ने कहा, जन्मदिन जरूर है, लेकिन जब मुझे बधाई के नारे सुनाई देते हैं तो उतनी ही जिम्मेदारी का अहसास भी होता है.
सपा प्रमुख ने कहा, 50, 51, 52 जितना भी जीवन आगे जाएगा, उससे अब कम ही बचा है. इसलिए संकल्प ले लिया है कि जो रास्ता नेताजी ने बनाया, दिखाया लोहिया के सिद्धांत, जेपी के सिद्धांत पर चलकर किसान और गरीब की खुशहाली के लिए काम होगा.
केंद्र सरकार पर बोला हमला अखिलेश यादव ने कहा कि 2024 में बदलाव होना है, क्योंकि सरकार के पास जवाब नहीं है. आज महंगाई और बेरोजगारी चरम सीमा पर है. किसान की आय दोगुना नहीं हुई. बिजली की दर महंगी हुई है. इस मुनाफे का फायदा किसे हो रहा है? सरकार को मजबूरी में 2000 का नोट बंद करना पड़ा, अब सरकार बताए कि जो 2000 में चिप लगी थी उससे जमीन में गड़े नोट ढूंढ लिए क्या? किन बैंकों में सबसे ज्यादा 2000 के नोट जमा हुए इन सब के जवाब नहीं हैं. CM योगी की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
इसके अलावा राज्य की योगी सरकार पर हमला बोलते हुए सपा प्रमुख ने कहा, सरकार बताए कि इनकी पुलिस 50 किलो चांदी के साथ पकड़ी गई, अधिकारी व्हाट्सएप करते हैं. क्या योगी मॉडल है, कस्टोडियल डेथ सबसे ज्यादा है. मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने एक लड़की को आत्मदाह करना पड़ा. किस कानून व्यवस्था की ये लोग बात करते हैं. इसके अलावा राज्य में इंवेस्टमेंट को लेकर जो गरीबी, महंगाई बढ़ा रहे हैं. इन्वेस्टमेंट के बड़े-बड़े सपने दिखा रहे हैं, जिन्होंने एमओयू किए. उन्हें अब अधिकारी ढूंढ रहे हैं. सरकार के पास इन सब के जवाब नहीं हैं.
मणिपुर में जारी हिंसा पर अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी थी. सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसका यह नतीजा है. पीएम मोदी के 7 जुलाई वाराणसी दौरे पर अखिलेश यादव बोले कि बनारस के लोग जानते हैं कि बनारस कितना क्योटो बना. जहां गरीब आदमी सावन में भोले बाबा के दर्शन करने के लिए पैसा देना पड़ेगा. क्या मंदिर व्यापार का केंद्र बन चुका है. क्या अब प्रचार होगा?

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








