
बदायूं सीट को लेकर चाचा-भतीजे में तकरार? बेटे आदित्य को उतारना चाहते हैं शिवपाल, लेकिन पार्टी नहीं राजी
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शिवपाल और आदित्य यादव दोनों में से समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी कौन होगा इस विषय पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी दुर्विजय सिंह शाक्य अपनी सभी जनसभाओं और नुक्कड़ सभाओं में कहते नजर आ रहे हैं कि भतीजे(अखिलेश) ने चाचा को बदायूं में फंसा दिया है और शिकंजा इतना कस दिया है कि चाचा निकल नहीं पा रहे हैं.
अखिलेश और चाचा शिवपाल के बीच संबंध कैसे हैं, इसको लेकर तरह तरह की चर्चाएं होती हैं, लेकिन चाचा भतीजे अपने संबंध मधुर ही बताते हैं. 20 फरवरी को धर्मेंद्र यादव का बदायूं से टिकट काटकर शिवपाल को प्रत्याशी बनाए जाने पर भी यह चर्चा होने लगी. अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव की मर्जी के खिलाफ जाकर उनको बदायूं से प्रत्याशी बनाया है. इस बात का खंडन शिवपाल ने तो नहीं किया लेकिन टिकट मिलने के 24 दिन बाद जब शिवपाल यादव बदायूं आए तो उन्होंने मीडिया से पहले दिन से ही यह कहना शुरू कर दिया कि वह लोकसभा चुनाव लड़ना नहीं चाहते थे, बल्कि उत्तर प्रदेश की कई सीटों पर जाकर समाजवादी को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाना चाहते थे. लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने हमें यहां का प्रत्याशी बना दिया है.
चुनाव प्रचार में शिवपाल यादव के साथ उनके बेटे आदित्य यादव साथ घूम रहे थे. पहले दौर के बाद ही बदायूं में आदित्य यादव के प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा होने लगी यह चर्चा समाजवादी के मंच से बदायूं के नेता करने लगे. धर्मेंद्र यादव जब चाचा शिवपाल यादव के चुनाव प्रचार के लिए बदायूं आए तो उन्होंने भी मंच से शिवपाल की जगह आदित्य यादव के लिए माहौल बनाया. शिवपाल यादव लगातार मीडिया से यही कहते नजर आ रहे हैं कि प्रत्याशी वह होंगे या उनका बेटा या कोई और समाजवादी पार्टी मजबूती से चुनाव लड़ेगी.
आदित्य यादव के नाम की चर्चा
शिवपाल यादव ने कभी अपने मुंह से आदित्य यादव का नाम नहीं लिया उन्होंने बस यही कहा कि बदायूं की जनता युवा चाहती है और बदायूं के समाजवादी नेता मंच से आदित्य यादव जिंदाबाद के नारे लगाते हुए आदित्य यादव को अघोषित रूप से घोषित प्रत्याशी मानकर चुनाव प्रचार में उतर चुके हैं. इस पूरी पटकथा में शीर्ष नेतृत्व की तरफ से अभी तक कोई भी ऐसे संकेत नहीं दिए गए कि बदायूं का प्रत्याशी बदला जाएगा.
भाजपा लगा रही चाचा के मैदान छोड़ने का आरोप
शिवपाल और आदित्य यादव दोनों में से समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी कौन होगा इस विषय पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी दुर्विजय सिंह शाक्य अपनी सभी जनसभाओं और नुक्कड़ सभाओं में कहते नजर आ रहे हैं कि भतीजे(अखिलेश) ने चाचा को बदायूं में फंसा दिया है और शिकंजा इतना कस दिया है कि चाचा निकल नहीं पा रहे हैं. चाचा को बदायूं में हार दिखने लगी है जिसकी वजह से चाचा मैदान छोड़कर भाग रहे हैं और अपनी जगह अपने बेटे को आगे कर रहे हैं.

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