
'बड़े मकसद के लिए त्याग...', बिहार सीट बंटवारे को लेकर ऐसा क्यों बोल गए रविशंकर प्रसाद?
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर मतभेद जारी हैं. इसे लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बड़े गठबंधन में मतभेद होना सामान्य है, लेकिन एनडीए बिहार में जीत हासिल करेगा.
बिहार में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है. नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी के बीच सीट बंटवारे को लेकर विवाद है और इसी बीच राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी ((RLJP) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी सीट बंटवारे को लेकर नाराज चल रहे हैं. गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर मचे घमासान के बीच गुरुवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि एनडीए का परिवार काफी बड़ा है, ऐसे में थोड़ा-बहुत खींचतान होना लाजिमी है.
उन्होंने कहा कि बावजूद इसके, एनडीए बिहार में जीत जरूर हासिल करेगी. बिहार की राजधानी पटना में आयोजित 'पंचायत आजतक बिहार' के मंच से बोलते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'जीतेंगे हम लोग जरूर. मैं बहुत ईमानदारी से कहूंगा कि जब इतना बड़ा परिवार होता है तो कुछ टुन-टान (मतभेद) होता है न. इससे निपटने का रास्ता क्या है? आपको समझदारी दिखाई पड़ती है, त्याग करना होता है, बड़े भाई हैं तो थोड़ा और बड़प्पन दिखाना पड़ता है.'
बिहार में एनडीए गठबंधन की पार्टियों के बीच सीट बंटवारा हो चुका है. बिहार में कुल 243 सीटें हैं जिनमें से बीजेपी और जेडीयू 101-101 यानी बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. चिराग पासवान की एलजेपी (आर) 29 सीट पर, उपेंद्र कुशवाहा और जीतनराम मांझी की पार्टी 6-6 सीटों पर बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ेंगी.
इस सीट शेयरिंग के गणित ने बीजेपी से पटना की दो सीटें छिन गई हैं और उसे ये सीटें सहयोगी पार्टियों को देनी पड़ी है. रविशंकर प्रसाद से पूछा गया कि क्या इससे जमीन पर काम कर रहे कार्यकर्ताओं को प्लानिंग में परेशानी आती है?
उन्होंने जवाब में कहा, 'मैं अपने कार्यकर्ताओं के दुख को समझता हूं. वो पार्टी के लिए लगे रहते हैं. मेहनत करते हैं और अगर मेरे क्षेत्र (पटना साहिब) से ऐसा होता है तो पीड़ा मुझे भी होगी. मेरे कार्यकर्ता लगे हुए थे, वो मेरे सुख-दुख के साथी हैं. लेकिन मैं उन्हें समझाऊंगा और वो समझेंगे कि बड़े मकसद के लिए थोड़ा त्याग करना पड़ता है. लेकिन मैं ये कहूंगा कि कार्यकर्ताओं की पीड़ा स्वाभाविक है.'
पंचायत आजतक के कार्यक्रम में रविशंकर प्रसाद ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों की सहाहना की.

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