
बच्चों को प्रदर्शन का हिस्सा बनाया, आदित्य ठाकरे के खिलाफ दर्ज होगी FIR
AajTak
शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे की मुसीतब बढ़ने वाली है. बाल संरक्षण आयोग ने उनके खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए कह दिया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने एक विरोध प्रदर्शन में बच्चों का इस्तेमाल किया था.
महाराष्ट्र की सियासत में ठाकरे परिवार की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब आदित्य ठाकरे खिलाफ FIR दर्ज हो सकती है. आरोप है कि उन्होंने एक विरोध प्रदर्शन के दौरान बच्चों का सहारा लिया. उन्हें भी प्रदर्शन का हिस्सा बनाया गया. इस मामले का संज्ञान लेते हुए बाल संरक्षण आयोग ने आदित्य के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की बात कही है. इस सिलसिले में मुंबई पुलिस को एक नोटिस भी दे दिया गया है.
जानकारी के लिए बता दें कि रविवार को आदित्य ठाकरे ने एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. आरे कॉलोनी में बनने जा रहे मेट्रो शेड के खिलाफ आदित्य ने ये प्रदर्शन किया था. उस प्रदर्शन में कुछ छोटे बच्चों को भी साथ देखा गया था. अब उसी वजह से आदित्य ठाकरे मुसीबत में फंस गए हैं. उन पर आरोप है कि एक राजनीतिक प्रदर्शन में उन्होंने बच्चों का इस्तेमाल किया है.
अभी के लिए बाल संरक्षण आयोग ने मुंबई पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी किया है. तीन दिन के भीतर आदित्य ठाकरे खिलाफ FIR दर्ज करने की बात कही गई है. FIR दर्ज करने के बाद पुलिस को बाल संरक्षण आयोग को एक विस्तृत रिपोर्ट भी देनी होगी. ऐसे में आदित्य की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं.
इस पूरे विवाद पर आदित्य ठाकरे की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने शिकायत पर तो कुछ नहीं बोला है लेकिन एक बार फिर आरे जंगलों को बचाने की वकालत की है. उनका कहना है कि महाराष्ट्र में आरे के जंगलों की खास अहमियत है. उद्धव जी ने आरे के 808 एकड़ जमीन को जंगल घोषित किया था. अपने लालच के लिए जंगलों को यूं बर्बाद नहीं किया जा सकता है.
यहां ये जानना जरूरी हो जाता है कि महा विकास अघाडी की सरकार ने 2020 में मेट्रो कार शेड मुंबई के कांजुरमार्ग में शिफ़्ट कर दिया था. लेकिन अब शिंदे सरकार ने फिर इस प्रोजेक्ट का निर्माण आरे में शुरू करने की वकालत की है. इसी मुद्दे पर इस समय ठाकरे बनाम शिंदे की तकरार देखने को मिल रही है.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिड-डे मील योजना से जुड़े हजारों रसोइया और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर तूता मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. रसोइया संघ के अध्यक्ष के अनुसार, उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जो उनके परिवार का खर्च चलाने के लिए अपर्याप्त है. ठंड के बावजूद वे 22 दिनों से धरना दे रहे हैं पर शासन के कोई प्रतिनिधि उनसे अब तक नहीं मिले हैं.

आठवीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने चार शंकराचार्य पीठों की स्थापना की. उद्देश्य था हिंदू धर्म और दर्शन को बचाना और आगे बढ़ाना. ऐसा हुआ भी. लेकिन पिछली एक सदी में कई और शंकराचार्य पीठ गढ़ ली गईं. इन पर बैठने वालों में कलह आम हुई. चुनावी लाभ, उत्तराधिकार का झगड़ा, राजनीतिक हस्तक्षेप, और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं ने इस पद को धार्मिक से ज्यादा राजनीतिक बना दिया है.





