
बच्चे को जिंदा करने के लिए 3 दिनों तक तंत्र-मंत्र करता रहा तांत्रिक, पोल खुली तो ग्रामीणों ने बनाया बंधक
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बिहार के बगहा जिले में एक तांत्रिक ने बच्चे को जिंदा करने का दावा किया. तीन दिन तक तांत्रिक तंत्र-मंत्र करता रहा. जब बच्चा जीवित नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने तांत्रिक की पिटाई कर दी और बंधक बना लिया. सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने तांत्रिक को हिरासत में ले लिया है. मामले की जांच की जा रही है.
बिहार के बगहा जिले में एक तांत्रिक अंधविश्वास का जाल फैलाकर तंत्र-मंत्र से दम तोड़ चुके बच्चे को जिंदा करने का दावा कर रहा था. यह घटना पटखौली ओपी क्षेत्र के पोखरभिंडा गांव की है.
बताया जा रहा है कि 10 दिन पहले चमकी बुखार के चलते एक बच्चे की मौत हो गई थी. इसके बाद बच्चे के परिजन तांत्रिक के झांसे में आ गए. हजारों रुपए ठगने के बाद तांत्रिक तीन दिन से झाड़-फूंक कर बच्चे को जिंदा करने का दावा कर रहा था. जब तांत्रिक की पोल खुली तो गांव वालों ने उसे बंधक बना लिया.
जानकारी के अनुसार, पटखौली के पोखरभिंडा गांव में बीते दिनों चमकी बुखार से एक बच्चे की मौत हो गई थी. मृतक के परिजन तांत्रिक के झांसे में आ गए. बच्चे के परिजन से हजारों रुपए की ठगी कर तीन दिनों से गांव में झाड़-फूंक का खेल चल रहा था. गांव की कई महिलाओं पर तांत्रिक ने डायन बिसाही का चक्कर बताकर बच्चे को मारने की बात कही.
तंत्र-मंत्र से बच्चे के जीवित नहीं होने पर ग्रामीण भड़क गए और तांत्रिक को बंधक बना लिया. सूचना मिलने के बाद पुलिस तांत्रिक को हिरासत में लेने पहुंची तो ग्रामीणों के साथ झड़प हो गई. लोग तांत्रिक से ठगी के रुपए वापस लौटाने को लेकर उलझ गए. पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, तब जाकर हंगामा शांत हुआ.
पटखौली ओपी प्रभारी लालबाबू यादव पोखरभिंडा गांव पहुंचे और बच्चे के परिजन से बयान लिए. इस बारे में ग्रामीण ने कहा कि एक तांत्रिक आया, जो मृत बच्चे को जिंदा करने का दावा कर तीन दिन से तंत्र-मंत्र कर रहा था. गांव में डायन होने की भी बात कह रहा था. दफनाए जा चुके बच्चे के शव को खोदने गया तो वह खराब हो चुका था.
इसके बाद उसने मना कर दिया. यह बात सुनकर ग्रामीण पिटाई करने लगे और बंधक बना लिया. पुलिस आई तो भीड़ पर लाठी चलाने लगी, हमें भी लग गई. बच्चे के नाना ने कहा कि हमारे पोते को चमकी बुखार हो गया था, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था. उसे दफना दिया था.

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