
बच्चे के साथ जंगल में गिरी, नारियल पानी पर रही जिंदा, प्लेन क्रैश में जिंदा बच निकलने वालों की खौफनाक कहानी
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नेपाल प्लेन क्रैश में 68 लोगों की मौत हो चुकी है. यह हादसा वाकई खौफनाक था. इस प्लेन क्रैश में किसी के जिंदा बचने की उम्मीद नहीं है. लेकिन अतीत में विमान हादसों में प्लेन क्रैश के दौरान कुछ यात्री लकी थे और वो जिंदा बच गए. प्लेन क्रैश के कई सर्वाइवर्स जिंदगी के उस सबसे खौफनाक अनुभव को बयां कर चुके हैं.
नेपाल में रविवार को हुआ प्लेन क्रैश इतना भयावह था कि एक भी यात्री के जिंदा बचने की उम्मीद नहीं है. यहां तक कि कई लोगों के शव भी बरामद नहीं हुए हैं और जिनके बरामद भी हुए हैं, उनकी शिनाख्त करना मुश्किल है.
रविवार को नेपाल में यति एयरलाइंस का विमान एटीआर-72 लैंडिंग से ठीक पहले कास्की जिले में क्रैश हो गया था. प्लेन में कुल 72 लोग सवार थे, जिनमें से पांच भारतीय नागरिक भी सवार थे.
नेपाल के इस प्लेन में सवार कोई यात्री बेटे के जन्म की खुशी में मन्नत पूरी करने मंदिर जा रहा था तो कोई पहाड़ों की ऊंची चोटियों को फतह करने. प्लेन में सवार होते वक्त इनमें से ही शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि उनका सफर किस दर्दनाक तरीके से खत्म होने वाला है.
दुनिया के अलग-अलग देशों में कई ऐसे प्लेन क्रैश के मामले हुए हैं, जिनमें एक या दो लोगों को छोड़कर सभी की मौत हो गई. आपको लग रहा होगा कि वाकई ये लोग किस्मत के धनी होंगे.
यह बात बेशक ठीक हो लेकिन जिन खौफनाक पलों को इन लोगों ने जिया, वह इतना है कि पूरी जिंदगी भी उसे भुला नहीं सकते. आज हम आपको उन चार लोगों के अनुभव बताएंगे, जो हवाई जहाज के हादसों में जिंदा बचकर घर लौटे हैं.
जब प्लेन क्रैश में बची थी सिर्फ चार साल की बच्ची बात 1987 की है, यानी करीब 36 साल पहले अमेरिका के डेट्रायट मेट्रो एयरपोर्ट से नॉर्थवेस्ट फ्लाइट 255 ने उड़ान भर रहा था, अचानक उसके दोनों विंग ठीक से नहीं खुले. प्लेन का लेफ्ट विंग एक बिजली खंभे से टकरा गया, जिसके बाद प्लेन नीचे गया और उसमें आग लग गई. जब बचाव राहत टीम मौके पर पहुंची तो उन्हें सिर्फ एक चार साल की बच्ची ही जिंदा मिली.

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