
बंगाल में आजादी के बाद से पहली बार लेफ्ट-कांग्रेस का एक भी MLA नहीं
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देश की आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब बंगाल की विधानसभा में कांग्रेस और लेफ्ट फ्रंट का एक भी विधायक नहीं होगा. गौरतलब है कि पिछले चुनाव में कांग्रेस ने 44 और माकपा ने 26 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी.
बंगाल के चुनाव नतीजे आ गए हैं. 292 में से 213 सीटें जीतकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बंगाल की सत्ता में लगातार तीसरी बार वापसी की है. टीएमसी ने प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तुलना में करीब 10 फीसदी अधिक वोट प्राप्त किए. टीएमसी को करीब 48 और बीजेपी को करीब 38 फीसदी वोट मिले. इन सबके बीच चौंकाने वाला नतीजा ये रहा कि पिछले चुनाव में 44 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला. कांग्रेस को 2.93 फीसदी वोट मिले लेकिन सीटें एक भी नहीं आईं. यही हाल लेफ्ट फ्रंट का भी रहा जिसने कांग्रेस और पीरजादा अब्बास सिद्दीकी की पार्टी इंडियन सेक्युलर फ्रंट के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा. वाम मोर्चा-कांग्रेस गठबंधन शून्य सीटों पर सिमट गया. सूबे की सत्ता में लंबे समय तक काबिज रहे ये दोनों दल साथ भी आए लेकिन बंगाल की जनता ने इन्हें खारिज कर दिया.
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