
बंगाल के सियासी रण से 'गायब' नजर आ रहे ओवैसी, AIMIM के बंगाल संयोजक ने छोड़ी पार्टी
AajTak
शुरुआती दौर में बंगाल के चुनाव को लेकर काफी कुछ बोलने वाले असदुद्दीन ओवैसी अब बंगाल के सियासी रण से गायब से नजर आ रहे हैं. यही नहीं ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के बंगाल संयोजक सैयद ज़मीरुल हसन ने उनसे अलग रास्ता अख्तियार कर लिया है.
बिहार विधानसभा चुनावों में एआईएमआईएम के परफार्मेंस से पार्टी चीफ असदुद्दीन ओवैसी काफी उत्साहित थे. जिसके बाद उन्होंने बंगाल से लेकर यूपी तक चुनाव लड़ने की बातें भी कहीं थीं. शुरुआती दौर में बंगाल के चुनाव को लेकर काफी कुछ बोलने वाले ओवैसी अब बंगाल के सियासी रण से गायब से नजर आ रहे हैं. यही नहीं ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के बंगाल संयोजक सैयद ज़मीरुल हसन ने उनसे अलग रास्ता अख्तियार कर लिया है. बताया जा रहा है कि जनवरी में जब ओवैसी ने फुरफरा शरीफ जाकर पीरजादा अब्बास सिद्दीकी से मुलाकात की थी उसी के बाद से हसन नाराज चल रहे थे. इस मुद्दे पर हसन ने आजतक से खास बातचीत की. उन्होंने कहा, "हमने एआईएमआईएम 2015 में ज्वाइन किया था. हमने काफी मेहनत करके बंगाल के 20 जिलों में इस पार्टी को फैलाया. इस बात का प्रूफ आप इसी बात से ले सकते हैं कि भारत के किसी भी मुख्यमंत्री ने एआईएमआईएम के खिलाफ सीधा मोर्चा नहीं खोला लेकिन यहां ममता बनर्जी ने खुद एआईएमआईएम के खिलाफ मोर्चा लिया. हमारे कई लोग गिरफ्तार हुए. मैं भी गिरफ्तार हुआ था."
जिस अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमले कर जंग की शुरुआत की थी, उसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ये ऐलान किया कि अमेरिका अगले 5 दिनों के लिए युद्ध विराम कर रहा है यानी जंग को रोक रहा है. अब सवाल ये है कि जंग के पहले हफ्ते में जब ट्रंप ने ये दावा किया था कि ईरान की ताकत को वो पूरी तरह कुचल चुके हैं तो फिर भी ईरान इस जंग को तीसरे हफ्ते तक कैसे खींच ले गया.

आज ईरान-अमेरिका युद्ध का 24 वां दिन है. आज युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान आया. ट्रंप ने ऐलान किया है कि अगले पांच दिनों तक ईरान के पावर और इनर्जी के ठिकानों पर हमले नहीं होंगे. ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को युद्ध की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है. हालांकि ईरान की तरफ से अमेरिकी के साथ किसी तरह की बातचीत का खंडन किया गया है, ईरान का यही दावा है कि उनकी धमकी के डर से अमेरिकी राष्ट्रपति झुक गए. अब सवाल यही है क्या ट्रंप के सीजफायर से युद्ध रुक जाएगा.

गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह के सदस्य नौशाद अली उर्फ लालू को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है. वह पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान की आड़ में काम कर रहा था. गिरोह के सरगना सुहेल समेत 22 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं. यह गैंग रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजता था, जिसके बदले 4-6 हजार रुपये मिलते थे. दिल्ली-हरियाणा में लगाए कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग भी पाकिस्तान तक पहुंच रही थी. पुलिस जांच जारी है.

राजकोट में एक डॉक्टर के क्लिनिक में स्पाई कैमरा लगाकर निजी वीडियो रिकॉर्ड कर 25 लाख रुपये की उगाही के मामले में पुलिस ने डॉ. कमल नांढा को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने 3000 से ज्यादा वीडियो बनाकर स्थानीय पत्रकारों के जरिए ब्लैकमेल किया. राजकोट साइबर क्राइम पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जबकि 11 आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है.

महायुद्ध के 24 दिन हो चुके हैं. खबरदार की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ताजा यूटर्न से. डोनाल्ड ट्रंप ने आज शाम ऐलान किया कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को उन्होंने फिलहाल टाल दिया है. ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चली बातचीत के बाद ये फैसला लिया गया है.








