
फर्जी बिल, फेक कंपनियां और सरकार को लगाया 30 हजार करोड़ का चूना... 16 राज्यों में पकड़ा गया GST फ्रॉड
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दिल्ली से सटे नोएडा में पुलिस को 2660 फर्जी GST फर्म तैयार किए जाने की जानकारी मिली. जिसमें बिना माल का डिलीवरी किए फर्जी बिल तैयार कर जीएसटी रिफंड करा लिया जाता था. इसी तरह से मामले पूरे देश से आ रहे हैं. जिसके बाद सरकार ने दो महीने के लिए जीएसटी अभियान चला रखा है.
देश में सेवा एंव वस्तु कर (GST) को लागू हुए करीब 6 साल हो चुके हैं. सरकार लगातार सिस्टम को दुरुस्त करने में लगी है, ताकि टैक्स चोरी को रोका जा सके. इस बीच पिछले कुछ महीने से लगातार जीएसटी कलेक्शन (GST Collection) 1.50 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो रहा है. लेकिन हर महीने देश के किसी-न-किसी कोने से टैक्स चोरी मामला सामने आ रहे हैं. शातिर लोग तरह-तरह से टैक्स चोरी के हथकंडे अपना रहे हैं. हालिया दिनों में जीएसटी फ्रॉड (GST Fraud) के कुछ ऐसे मामले आए हैं. जिससे सिस्टम के कान खड़े हो गए हैं.
कानपुर में GST स्कैम का खुलासा
ताजा मामला कानपुर का है, जहां पिछले हफ्ते GST और इनकम टैक्स (Income Tax) की बड़ी चोरी का खुलासा हुआ. काम कबाड़ी का था, लेकिन उसकी आड़ में करोड़ों की टैक्स चोरी को अंजाम दिया जा रहा था. आरोपी स्क्रैप डीलर, बैटरी डीलर और अन्य व्यापारियों को फर्जी बिल सप्लाई करता था. इन फर्जी बिलों में वह जिन लोगों से सामान की खरीद दिखाता था, वह और कोई नहीं बल्कि रिक्शेवाले और कबाड़ उठाने वाले जैसे गरीब तबके के लोग थे. जिसके बाद फर्जी आईटीसी क्लेम और जीएसटी में रिबेट भी लेते थे. आरोपी ने करीब 250 करोड़ से ज्यादा के ट्रांजैक्शन कर डाले और सरकार को टैक्स में 80 करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगाया.
नोएडा में 5 साल से चल रहा था खेल
इससे पहले जून महीने के पहले हफ्ते में दिल्ली से सटे नोएडा फर्जी फर्म तैयार कर GST का हेरफेर किया जा रहा था. खुलासा हुआ कि गलत तरीके से GST नंबर तैयार कर बिना माल की डिलीवरी किए फर्जी बिल तैयार कर लेते थे. इसके बाद जीएसटी रिफंड लेकर सरकार के राजस्व को हजारों करोड़ का नुकसान पहुंचा रहे थे. ये गिरोह पिछले 5 सालों से संगठित रूप से इस तरह की फर्जी फर्म तैयार कर गड़बड़ी कर रहा था. गिरोह की 2 टीमें काम करती थीं. पहली टीम फर्जी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, रेंट एग्रीमेंट, बिजली बिल वगैरह का उपयोग कर फर्जी फर्म GST नंबर तैयार करती थी. वहीं दूसरी टीम फर्जी फर्म जीएसटी नंबर से पहले टीम से खरीद-फरोख्त कर फर्जी बिल तैयार कर जीएसटी रिफंड आईटीसी इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त करती थी. इस तरह से ये लोग हजारों करोड़ के राजस्व का चूना लगा रहे थे.
पुलिस को 2660 फर्जी GST फर्म तैयार किए जाने की जानकारी मिली. जिसमें बिना माल का डिलीवरी किए फर्जी बिल तैयार कर जीएसटी रिफंड करा लिया जाता था. एक फर्जी फर्म से एक महीने में 2-3 करोड़ रुपये का फर्जी बिल उपयोग किया जाता था. इस तरह से करीब 10 हजार करोड़ के हेरफेर की बात सामने आई है.

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