
प्रसिद्ध बंगाली गायिका निर्मला मिश्रा का 81 साल की उम्र में निधन, आज अंतिम संस्कार
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प्रसिद्ध बंगाली गायिका निर्मला मिश्रा सबसे सम्मानित और चर्चित पार्श्व गायकों में से एक थीं. उन्होंने उड़िया और बंगाली फिल्मों के लिए कई गाने गाए. 'ईमोन एकता झिनुक', 'बोलो तो अर्शी', 'कागोजेर फूल बोले', 'ई बांग्लार माटी चाय' और 'आमी तोमर' जैसे कई लोकप्रिय बंगाली गाने हैं, जिन्हें उन्होंने अपनी आवाज दी.
Nirmala Mishra Passes Away: प्रसिद्ध बंगाली गायिका निर्मला मिश्रा (81 साल) का रविवार तड़के हार्टअटैक की वजह से निधन हो गया. वे काफी समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं. वे आज दक्षिणी कोलकाता के चेतला इलाके में अपने आवास पर थीं. मिश्रा बालकृष्ण दास पुरस्कार से सम्मानित थीं.
इलाज करने वाले डॉक्टर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि निर्मला मिश्रा को आज रात करीब 12.05 बजे दिल का दौरा पड़ा और उन्हें नजदीकी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां मृत घोषित कर दिया गया. उन्होंने कहा- मिश्रा के शव को आज रात अस्पताल में रखा जाएगा.
बताते चलें कि निर्मला मिश्रा सबसे सम्मानित और प्रशंसित पार्श्व गायकों में से एक थीं. उन्होंने उड़िया और बंगाली फिल्मों के लिए कई गाने गाए. 'ईमोन एकता झिनुक', 'बोलो तो अर्शी', 'कागोजेर फूल बोले', 'ई बांग्लार माटी चाय' और 'आमी तोमर' जैसे कई लोकप्रिय बंगाली गाने हैं, जिन्हें उन्होंने अपनी आवाज दी. इसके अलावा, निर्मला मिश्रा के 'तुमी आकाश एकखुन जोड़ी' और 'अमी हरिये फेलेची गणेर साथिरे' जैसे फिल्मी गाने भी हैं.
आजतक बांग्ला के मुताबिक, आज रविवार (31 जुलाई) को निर्मला मिश्रा को रवींद्र सदन ले जाया जाएगा. वहां उनके प्रशंसक श्रद्धांजलि दे सकते हैं. फिर उनका अंतिम संस्कार कोरताला श्मशान घाट में किया जाएगा. पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि निर्मला घर पर ही इलाज का जोर देती थीं. अंतिम समय भी वह घर पर ही रहीं. वह काफी समय से बीमार चल रहीं थीं.
इससे पहले भी वह कई बार अस्पताल में भर्ती हो चुकी हैं. हालांकि, वह अस्पताल में भर्ती होने और इलाज के लिए तैयार नहीं थीं, इसलिए घर पर ही उनके इलाज की व्यवस्था की गई थी. आज अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और सांस लेने में दिक्कत होने लगी. उसके बाद मौत हो गई. डॉक्टर्स के मुताबिक, निर्मला मिश्रा की मौत हृदय गति रुकने से हुई है. इससे पहले उन्हें तीन स्ट्रोक और दो बार दिल का दौरा पड़ा था.

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