
प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर का प्रसाद बनाने वाली कंपनी का बड़ा फर्जीवाड़ा, अमूल के डिब्बे में डालकर नकली घी करते थे इस्तेमाल
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गुजरात के प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर का प्रसाद बनाने वाली कंपनी का बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है. आरोप है कि इस कंपनी से जुड़े लोग 'अमूल' लेबल वाले नकली घी के डिब्बे की आपूर्ति कर रहे थे. पुलिस का कहना है कि मामले में निजी कैटरिंग फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है.
गुजरात में प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर का प्रसाद बनाने वाली कंपनी का बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है. ये कंपनी प्रसाद तैयार करने के लिए 'अमूल' का लेबल लगाकर नकली घी का इस्तेमाल कर रही थी. पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है. मौके से 180 डिब्बे बरामद किए हैं. पुलिस का कहना है कि आरोपी निजी कंपनी 'अमूल' के डिब्बे में नकली घी डालकर इस्तेमाल करते थे.
मामला बनासकांठा जिले का है. यहां प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर में धार्मिक मेले में बड़ी संख्या में भक्त आते हैं. उनके लिए 'प्रसाद' तैयार करने के लिए एक निजी कंपनी को जिम्मेदारी दी गई थी. पुलिस ने बताया कि गुजरात खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (GFDCA) ने अंबाजी मंदिर में आरोपी फर्म द्वारा सप्लाई किए गए घी के सैंपल एकत्र किए थे. इन सैंपल को टेस्टिंग के लिए लैब भेजा गया था. जांच में घी के सैंपल जरूरी क्वालिटी स्टैंडर्ड में फेल हो गए हैं.
'डुप्लीकेट लेबल लगाकर डिब्बे किए इस्तेमाल'
पुलिस ने मोहिनी कैटरर्स द्वारा सप्लाई किए गए 180 घी के डिब्बे सील कर दिए गए हैं. मामले में साबरकांठा जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ लिमिटेड (Sabar Dairy) की तरफ से कंपनी के खिलाफ अंबाजी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई गई है. डेयरी कंपनी का कहना है कि कैटरिंग फर्म और कुछ अज्ञात लोगों ने साबर डेयरी के नाम पर घी के डिब्बे में डुप्लीकेट लेबल लगाकर इस्तेमाल किया.
'आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज'
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 482 (गलत चिह्न का उपयोग करना) और 120 (बी) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया है. बता दें कि साबर डेयरी, गुजरात सहकारी दूध विपणन महासंघ लिमिटेड (GCMMF) का एक सदस्य है, जो 'अमूल' ब्रांड के तहत दूध और डेयरी उत्पादों को बेचता है.

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