
प्रचार थमा, कौन जीतेगा मुंबई की जंग? इन मुद्दों ने BMC चुनाव को बनाया रोचक
AajTak
बीएमसी चुनाव का प्रचार थम गया है. लेकिन मुंबई की सियासत पूरी तरह गरमाई हुई है. सबसे अमीर नगर निगम की सत्ता के लिए महायुति और ठाकरे ब्रदर्स आमने-सामने हैं. मराठी अस्मिता, पहचान की राजनीति और शिवसेना की विरासत जैसे मुद्दों ने इस चुनाव को बेहद अहम और हाई-स्टेक बना दिया है.
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव के लिए प्रचार मंगलवार शाम 5 बजे थम गया. अब 15 जनवरी, 2026 को मतदाता वोटिंग करने के लिए निकलेंगे, जहां महायुति और दोबारा साथ आए ठाकरे ब्रदर्स के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा.
इस चुनाव पर देशभर की नजर इसलिए भी रहती है क्योंकि BMC सबसे अमीर नगर निगम है, इसका बजट कई छोटे राज्यों के बजट से भी बड़ा होता है.
इस बार के BMC चुनाव के प्रचार में कई ऐसे मुद्दे रहे, जिनपर जमकर राजनीति हुई. जैसे-
प्रचार के आखिरी दिनों में यह चुनाव 'मराठी बनाम गैर-मराठी' की बहस पर आ टिका. इस विवाद को बीजेपी नेता अन्नामलाई की टिप्पणी से भी हवा मिली. उन्होंने कहा था कि मुंबई केवल महाराष्ट्र का शहर नहीं बल्कि एक 'वैश्विक शहर' है. लेकिन फिर भी इसकी हालत खराब है. इसपर MNS प्रमुख राज ठाकरे भड़क गए. उन्होंने अन्नामलाई को रसमलाई कहा. इतना ही नहीं, लुंगी-पुंगी बोलकर मजाक उड़ाया. राज ने कहा कि बाहरी राज्यों के नेता मुंबई को लेकर इस तरह की टिप्पणी न करें.
इससे पहले 'खान बनाम मराठी हिंदू मेयर' की बहस के साथ पहचान की राजनीति चरम पर पहुंच गई. जहां बीजेपी के मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने किसी भी 'खान' को मेयर पद से हटाने की कसम खाई, वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बात पर जोर दिया कि अगला मेयर 'हिंदू और मराठी' होगा.
साथ ही महायुति के घोषणापत्र ने कड़ा रुख अपनाते हुए शहर से अवैध रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों को बाहर निकालने का वादा किया है.

रैसी जिले के महोर क्षेत्र में रामाकुंडा मोड़ के पास एक प्राइवेट कार सड़क से फिसलकर खाई में गिर गई. हादसे में हकनवाज (22), उनकी बहन शहरीजा राहि (18) और उनके चचेरे भाई रफ़ाकत हुसैन (15) की मौत हो गई. पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका महोर अस्पताल में इलाज चल रहा है. ड्राइवर ने अंधे मोड़ पर नियंत्रण खो दिया था.

Harish Rana Dies: हरीश राणा को मिल गई 'इच्छामृत्यु', एम्स में 10 दिन भर्ती रहने के बाद ली आखिरी सांस
Harish Rana News: भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति हरीश राणा का AIIMS में निधन हो गया. वे साल 2013 से कोमा में थे. सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिसके बाद अस्पताल में उनके लाइफ सपोर्ट को स्टेप वाइज हटाया गया. डॉक्टर सीमा मिश्रा की अगुवाई में विशेषज्ञ टीम ने पूरी प्रक्रिया पूरी की.

अहमदाबाद के लालदरवाजा इलाके में SDPI (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस की मंजूरी नहीं होने के कारण प्रदर्शन कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया. इस दौरान SDPI कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्का टकराव भी देखने को मिला. SDPI नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने विधानसभा में बहुमत के बल पर UCC बिल को मनमाने तरीके से पारित किया है और इसे मुस्लिम विरोधी बताया. मौके पर सुरक्षा बढ़ाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.







