
प्यार चाहिए तो लाल, नहीं तो ग्रीन... क्यों लोगों ने न्यू ईयर पर विश के हिसाब से पहने अंडरवियर!
AajTak
क्या वाकई किसी के अंडरवियर का रंग उसके पूरे साल की दिशा और किस्मत तय कर सकता है? सोशल मीडिया पर इन दिनों ऐसी ही एक दिलचस्प थ्योरी चर्चा में है. मान्यता के मुताबिक, नए साल की शुरुआत में पहना गया अंडरवियर का रंग इंसान की एनर्जी को प्रभावित करता है.
दुनिया भर में अजीब-ओ-गरीब ट्रेंड्स की कोई कमी नहीं है. गुड लक के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते. कभी टोटके, कभी रंग, तो कभी छोटी-छोटी मान्यताएं. ऐसा ही एक दिलचस्प ट्रेंड एक बार फिर चर्चा में है, जो नए साल की रात से जुड़ा है.
जब 31 दिसंबर की रात घड़ी बारह बजाती है और नया साल दस्तक देता है, तो दुनिया के कई हिस्सों में लोग एक खास परंपरा निभाते हैं. न्यू ईयर की रात खास रंग का अंडरवियर पहनना. मान्यता है कि जिस रंग का अंडरवियर आप पहनते हैं, वही तय करता है कि आने वाले साल में आपकी किस्मत, प्यार और पैसा किस दिशा में जाएगा. यह परंपरा लैटिन अमेरिका से लेकर यूरोप तक पुरानी मानी जाती है, लेकिन हाल के समय में सोशल मीडिया, खासकर TikTok, ने इसे फिर से ट्रेंड में ला दिया है.
आज जब दुनिया अनिश्चितताओं से भरी हुई है, तो कई लोग ऐसे छोटे-छोटे प्रतीकों का सहारा लेते हैं, जो उन्हें उम्मीद और कंट्रोल का एहसास देते हैं. इसी सोच के तहत लोग मानते हैं कि अंडरवियर का रंग उनके नए साल की एनर्जी तय कर सकता है. TikTok क्रिएटर लिबर्टी वॉकर ने पिछले साल इस अनोखी परंपरा पर एक वीडियो शेयर किया था. इसमें उन्होंने कहा था कि नए साल में जो चीज आप अपनी जिंदगी में लाना चाहते हैं, उसी के हिसाब से अंडरवियर का रंग चुना जाता है.
यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया. सिर्फ 24 घंटों के भीतर इसे 2.21 लाख से ज्यादा व्यूज मिले. इससे साफ है कि यह ट्रेंड कितने लोगों के लिए मायने रखता है और सोशल मीडिया पर इसकी पकड़ कितनी मजबूत हो चुकी है.
पॉपुलर कल्चर वेबसाइट PopSugar की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपर्ट माल्डोनाडो का कहना है कि यह मान्यता ‘एन्क्लोथ्ड कॉग्निशन’ की अवधारणा से जुड़ी है. इस थ्योरी के अनुसार, हम जो पहनते हैं, वह हमारी सोच, भावनाओं और व्यवहार को प्रभावित करता है. यानी अगर आप किसी चीज पर विश्वास करते हैं और उसे महसूस करते हैं, तो आप अपनी चाहत की दिशा में आधा सफर तय कर चुके होते हैं.
ग्रीन (हरा) हरा रंग बदलाव, नई शुरुआत और जीवन से जुड़ा होता है. इसे पहनने वाले लोग आमतौर पर नए अनुभव, नई जगहें या जीवन में बड़ा बदलाव चाहते हैं. यह ग्रोथ और ताजगी का संकेत माना जाता है.

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बंदरों से परेशान किसानों ने अपनी फसल बचाने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया है. गांव के कुछ किसान भालू का वेश पहनकर खेतों में घूम रहे हैं, ताकि बंदर डरकर फसलों से दूर भाग जाएं. इस जुगाड़ का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग हैरानी और मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

उत्तर कोरिया की सख्त और रहस्यमयी राजनीति में इन दिनों एक नया चेहरा बार-बार नजर आ रहा है.किम जोंग उन की बेटी किम जू-ए. मिसाइल परीक्षण हो, सैन्य परेड हो या हथियार फैक्ट्री का दौरा, वह कई अहम मौकों पर अपने पिता के साथ दिखाई दे रही हैं. उनकी लगातार मौजूदगी ने दुनिया भर में यह चर्चा छेड़ दी है कि क्या किम जोंग उन अपनी बेटी को देश का अगला नेता बनाने की तैयारी कर रहे हैं.

मौत के बाद क्या होता है, यह सवाल सदियों से इंसानों को उलझाता रहा है. धर्म, दर्शन और विज्ञान-सबने अपने-अपने तरीके से इसका जवाब खोजने की कोशिश की है, लेकिन आज भी यह रहस्य पूरी तरह नहीं सुलझ पाया है. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसा स्केच वायरल हो रहा है, जिसे एक शख्स ने मौत के करीब पहुंचने के अनुभव के बाद बनाया. इस चित्र में उसने ब्रह्मांड और चेतना के संबंध को एक नक्शे की तरह दिखाने की कोशिश की है, जिसने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है.










