
पेट्रोल-डीजल व CNG की कीमतों के विरोध में हड़ताल पर रहेंगे Ola-Uber के टैक्सी ड्राइवर
AajTak
पेट्रोल-डीजल व सीएनजी की कीमतों के विरोध में 11 अप्रैल को Ola-Uber टैक्सी ड्राइवर (Taxi Drivers) हड़ताल पर रहेंगे. संयुक्त संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें सुनी नहीं गईं तो 18 अप्रैल को दिल्ली के सभी बॉर्डर जाम कर देंगे.
पेट्रोल-डीजल और CNG की बढ़ती कीमतों के विरोध में Ola-Uber टैक्सी ड्राइवर (Taxi Drivers) 11 अप्रैल को हड़ताल पर रहेंगे. उनका कहना है कि वे सीएनजी, पेट्रोल व डीजल के रोज बढ़ रहे मूल्य से परेशान हैं. इसको लेकर दिल्ली एनसीआर (Delhi NCR) के टैक्सी चालक 11 अप्रैल को गाड़ियां नहीं चलाएंगे. गाड़ियां नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर खड़ी करके बढ़ती कीमतों पर विरोध दर्ज कराएंगे.
संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक इंद्रजीत सिंह ने कहा कि टैक्सी चालकों की परेशानी आज के समय में न तो सरकार सुन रही है और न ही कंपनी. कभी 30 प्रतिशत कमीशन, कभी पेनॉल्टी, कभी ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है. इन सब से तंग आकर अब टैक्सी चालक परेशान हो रहे हैं. उनका कहना है कि अगर 11 अप्रैल को हड़ताल के बावजूद कोई हल नहीं निकला तो सोमवार 18 अप्रैल को दिल्ली के सभी बॉर्डर पर टैक्सी खड़ी कर दिल्ली में एंट्री बंद करने पर मजबूर होना पड़ेगा.
'दिल्ली सरकार के तय रेट से कम नहीं दे कोई कंपनी'
इंद्रजीत सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार ने जो रेट दिया है, अगर कोई कंपनी उससे कम रेट चालक को देती है तो उस पर दंड का प्रावधान हो. दिल्ली की जनता को हो रही असुविधा के लिए सरकार दोषी है. आज टैक्सी चालक अपने बच्चों का स्कूल में दाखिला नहीं करवा पा रहे हैं. कोई अपनी गाड़ी की फिटनेस नहीं करवा पा रहा है तो कोई बीमा नहीं करवा पा रहा है, क्योंकि उनके पास पैसे नहीं हैं.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिड-डे मील योजना से जुड़े हजारों रसोइया और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर तूता मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. रसोइया संघ के अध्यक्ष के अनुसार, उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जो उनके परिवार का खर्च चलाने के लिए अपर्याप्त है. ठंड के बावजूद वे 22 दिनों से धरना दे रहे हैं पर शासन के कोई प्रतिनिधि उनसे अब तक नहीं मिले हैं.






