
पूर्व सांसद सुष्मिता देव ने छोड़ी कांग्रेस, TMC जॉइन करेंगी?
AajTak
कांग्रेस की पूर्व सांसद सुष्मिता देब ने क्या कांग्रेस पार्टी छोड़ (Sushmita Dev quits Congress) दी है? ट्विटर बायो में किया गया बदलाव इसकी तरफ इशारा कर रहा है.
कांग्रेस की पूर्व सांसद सुष्मिता देव ने कांग्रेस पार्टी छोड़ (Sushmita Dev quits Congress) दी है. ट्विटर बायो में किए गए बदलाव के बाद इसका अनुमान लगाया जा रहा था, जो सुष्मिता देव का इस्तीफा सामने आने के बाद सच साबित हुआ. सुष्मिता देव ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा सौंपा. बता दें कि सुष्मिता देव फिलहाल ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की अध्यक्ष थीं. वहीं TMC सूत्रों के मुताबिक, सुष्मिता टीएमसी नेतृत्व के संपर्क में हैं और जल्द ही कोलकाता पहुंच कर ममता बनर्जी या अभिषेक बनर्जी से मिल सकती हैं.
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









