
पुराने संसद भवन में ही होगा शीतकालीन सत्र, डेंटल कमिशन समेत 16 बिल लाने की तैयारी में मोदी सरकार
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संसद का शीतकालीन सत्र पांच दिन बाद शुरू हो जाएगा. यह सत्र 23 दिन चलेगा. इस दौरान 17 बैठकों की जाएंगी. इस बार सरकार नेशनल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कमीशन बिल, बहु-राज्यीय सहकारी समितियां (संशोधन) विधेयक 2022 समेत 16 बिल लाने की तैयारी में है.
संसद का शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से शुरू हो रहा है. सूत्रों के मुताबिक इस बार मौजूदा भवन में ही सत्र आयोजित किया जाएगा. वहीं इस सत्र में बहु-राज्य सहकारी समितियों की जवाबदेही बढ़ाने और चुनावी प्रक्रिया में सुधार करने वाले बिल समेत 16 नए बिल पेश करने की योजना बनाई है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान नेशनल डेंटल कमिशन बिल को भी पेश किया जा सकता है. इस बिल में एक नेशनल डेंटल कमिशन को बनाने और डेंटिस्ट एक्ट, 1948 को खत्म करने का प्रस्ताव है.
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पिछले महीने संसद के शीतकालीन सत्र की जानकारी देते हुए बताया था कि सत्र 29 दिसंबर तक चलेगा. इस दौरान 23 दिनों में 17 बैठकें होंगी. संसद का यह पहला सत्र, जिसमें राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ उच्च सदन की कार्यवाही करेंगे.
इन बिलों को पेश कर सकती है सरकार
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय नेशनल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कमीशन बिल भी लाने की तैयारी कर रही है. इसके तहत नेशनल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कमीशन (एनएनएमसी) स्थापित करने और इंडियन नर्सिंग काउंसिल एक्ट, 1947 को निरस्त करने का प्रस्ताव है. इस संबंध में गुरुवार को लोकसभा बुलेटिन जारी किया गया था.
इसके अनुसार, बहु-राज्यीय सहकारी समितियां (संशोधन) विधेयक, 2022 को सहकारी समितियों में शासन को मजबूत करने, पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ाने और चुनावी प्रक्रिया में सुधार के उद्देश्य से पेश किया जा रहा है. इसका उद्देश्य निगरानी तंत्र में सुधार करना और बहु-राज्य सहकारी समितियों के लिए व्यापार करने में आसानी सुनिश्चित करना है.
सत्र के दौरान छावनी विधेयक 2022 को भी पेश किए जाने की संभावना है. छावनियों में जीवन की सुगमता को बढ़ाने के लिए यह बिल तैयार किया गया है. इस दौरान पेश किए जाने वाले विधेयकों की सूची में पुराना अनुदान (विनियमन) विधेयक, वन (संरक्षण) संशोधन विधेयक, तटीय जलकृषि प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक आदि भी शामिल हैं.

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