
पुतिन की भारत यात्रा पर इंडिया टुडे का मॉस्को में विशेष राउंडटेबल
AajTak
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4-5 दिसंबर के बीच भारत दौरे पर आ रहे हैं. उनके इस दौरे से पहले इंडिया टुडे ग्रुप मॉस्को में एक उच्चस्तरीय राउंडटेबल मीटिंग आयोजित कर रहा है. इस मीटिंग में ऊर्जा, रक्षा, शिक्षा और व्यापार के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा होगी.
इंडिया टुडे ग्रुप एक ऐतिहासिक पहल के तहत राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से ठीक पहले मॉस्को में एक विशेष उच्चस्तरीय राउंडटेबल बैठक करेगा. यह बैठक लग्जरी रियल एस्टेट क्षेत्र की अग्रणी कंपनी BnW डेवलपर्स के सहयोग से आयोजित हो रही है.
इस राउंडटेबल में भारत-रूस साझेदारी के प्रमुख स्तंभों पर गहन विचार-विमर्श होगा. बैठक में ऊर्जा पर प्रमुखता से बात होगी जिसमें तेल, गैस, परमाणु ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, खनन और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्रों के रूस के दिग्गज चेहरे दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करने के मुद्दे अपने विचार साझा करेंगे.
रूस के ऊर्जा परिदृश्य में भारत की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए, राष्ट्रपति पुतिन की यात्रा इस संवाद के लिए अनुकूल समय मानी जा रही है.
इस राउंडटेबल का एक सत्र रूस में रहने वाले भारतीयों के जीवन पर होगा, जिसमें समुदायिक समूहों, सांस्कृतिक संगठनों और व्यापार मंडलों की भागीदारी होगी, जो वहां सक्रिय भारतीय प्रवासी समुदाय को सशक्त बनाए हुए हैं.
एक अन्य महत्वपूर्ण सत्र में चर्चा इस मुद्दे पर भी होगी कि क्या रूस अब भी भारतीय छात्रों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य है. इस सत्र में रूस में भारतीय छात्र संघ के प्रतिनिधि तथा प्रमुख मेडिकल और तकनीकी विश्वविद्यालयों के अधिकारी शिक्षा की गुणवत्ता, सुरक्षा, अवसरों और बदलती अपेक्षाओं पर विचार-विमर्श करेंगे.
दोनों देशों के बीच गहरे सैन्य सहयोग को देखते हुए, रक्षा सहयोग पर भी एक महत्वपूर्ण संवाद होगा. रूसी रक्षा, उड्डयन और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के उद्यमी, भारत के फार्मास्यूटिकल्स, एफएमसीजी, आईटी, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल और चाय जैसे क्षेत्रों के उद्यमियों के साथ मिलकर दोनों देशों के बीच के आर्थिक और औद्योगिक सहयोग पर व्यापक चर्चा करेंगे.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









