
'पिता ने बेटे को डांटा था, ये इतना गंभीर नहीं की हत्या कर दी जाए', बॉम्बे HC ने खारिज की बेटे की अपील
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पिता की हत्या के मामले में आजीवन सजा के खिलाफ दोषी बेटे ने याचिका दाखिल की थी. याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने इसे खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि पिता का डांटना इतनी गंभीर नहीं था कि बेटे ने पिता की ही हत्या कर दी जाए.
बॉम्बे उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ ने अपने ही पिता की हत्या के लिए दोषी ठहराए गए और आजीवन कारावास की सजा पाए एक बेटे की अपील खारिज कर दी. हाई कोर्ट ने कहा कि पिता ने सिर्फ अपने बेटे को डांटा था. यह इतना गंभीर मामला नहीं था कि जिसके लिए आरोपी ने अपने ही पिता को मार डाला. अदालत में 28 साल के नेताजी नानासाहेब टेली की ओर से दायर एक अपील पर सुनवाई हो रही थी.

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