
पाकिस्तान में बर्गर बना हत्या की वजह! गर्लफ्रेंड के लिए किया था ऑर्डर, दोस्त ने खाया तो ले ली जान
AajTak
जांच अधिकारी ने कहा, 'दानियाल का अली के साथ इस बात को लेकर बड़ा झगड़ा हो गया कि उसने बिना अनुमति के आधा बर्गर क्यों खाया, जो उसकी गर्लफ्रेंड शाजिया के लिए ऑर्डर किया गया था.' अधिकारी ने बताया, 'हमने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और ट्रायल पूरा होने तक वह जेल में है.'
पाकिस्तान के कराची शहर से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां एक रिटायर्ड सीनियर पुलिस अधिकारी के बेटे ने सेशन जज के बेटे की हत्या कर दी. विवाद की वजह थी एक बर्गर जिसे पुलिस अधिकारी के बेटे ने अपनी गर्लफ्रेंड के लिए ऑर्डर किया था. जज के 17 साल के लड़ने ने वह बर्गर आधा खा लिया था जिस वजह से उसकी हत्या कर दी गई.
पुलिस ने बुधवार को जानकारी दी कि यह घटना 8 फरवरी को कराची के पॉश इलाके डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी (डीएचए) में हुई. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अब पूरी हो गई है.
सिक्योरिटी गार्ड की राइफल से चलाई गोली
केस की जांच करने वाले अधिकारी के अनुसार, रिटायर्ड एसएसपी नजीर अहमद मीर बहार के बेटे दानियाल मीर बहार ने कराची डिस्ट्रिक्ट साउथ सेशन जज जावेद केरियो के बेटे अली केरियो को अपने घर पर आमंत्रित किया था. बाद में दानियाल की गर्लफ्रेंड शाजिया भी वहां पहुंच गई.
दानियाल ने अपने और शाजिया के लिए दो जिंगर बर्गर का ऑर्डर दिया था. लेकिन अली ने कथित तौर पर एक बर्गर आधा खा लिया. पुलिस ने कहा कि इससे दानियाल को इतना गुस्सा आया कि उसने अपने सिक्योरिटी गार्ड की राइफल ली और अली पर गोलियां चला दीं, जिसके बाद अस्पताल ले जाते हुए अली ने दम तोड़ दिया.
बर्गर खाने को लेकर हुई लड़ाई

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











