
'पाकिस्तान की कठपुतली सरकार से बातचीत करना बेकार, सिर्फ सेना से करेंगे बात', इमरान खान ने दिखाया आईना
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पूर्व पीएम इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान में कानून का शासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और अब यहां जंगल राज कायम है. उन्होंने कहा कि 9 मई की घटना एक झूठा अभियान था, आज तक कोई सीसीटीवी फुटेज पेश नहीं किया गया है और पिछले दो साल ने यह साफ कर दिया है कि इसका एकमात्र मकसद पीटीआई को कुचलना था.
भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंक परस्त पाकिस्तान की पोल पूरी दुनिया के सामने खुल चुकी है और साफ हो चुका है कि शहबाज शरीफ की सरकार सेना की गोद में खेल रही है. अब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी इस बात को कुबूल किया है. जेल में बंद इमरान खान ने सरकार को आईना दिखाते हुए शनिवार को कहा कि वह पाकिस्तानी सेना के साथ बातचीत करना चाहते हैं क्योंकि पीएमएल-एन की कठपुतली सरकार के साथ बातचीत करना बेकार है.
सरकार के पास कोई शक्ति नहीं
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और उन पर कई मामले चल रहे हैं, जो अप्रैल 2022 में उनकी सरकार गिराए जाने के बाद शुरू किए गए थे. इमरान खान ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'कठपुतली पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सरकार के साथ किसी भी तरह की बातचीत करना बेकार है. इस अवैध फॉर्म-47 स्थापित सरकार ने पहले ही दो महीने बर्बाद कर दिए हैं. इसका एकमात्र मकसद झूठे अधिकार को बनाए रखना है, जिसके पास असल में कोई शक्ति नहीं है.'
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इमरान खान ने कहा कि बातचीत सिर्फ उन लोगों के साथ की जाएगी जो वास्तव में सत्ता में हैं (सैन्य प्रतिष्ठान), और सिर्फ राष्ट्रीय हित में हैं. मुझे कठिनाई का डर नहीं है क्योंकि मेरे इरादे मजबूत हैं. इमरान ने दावा किया कि उनके और अन्य पीटीआई सदस्यों के खिलाफ आधारहीन राजनीतिक मामले, जबरन अपहरण और जबरन प्रेस कॉन्फ्रेंस का मकसद सदस्यों को सार्वजनिक रूप से पार्टी से अलग करना है.
झूठे मुकदमों में फंसाया गया

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

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