
पाइप के रास्ते कैसे निकलेंगे 40 मजदूर? फोटोज से समझें, मलबा हटा रही अमेरिकी मशीन का Video भी आया
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उत्तरकाशी की सुरंग में मजदूर इसके एंट्री प्वॉइंट से करीब 200 मीटर अंदर फंसे हैं. जहां मजदूर फंसे हैं, वहां ठीक उनके आगे 50 मीटर से ज्यादा मलबा है. रेस्क्यू टीम के लिए मुश्किल इस बात की है कि टनल का ये हिस्सा बेहद कमजोर है, जैसे ही मजदूरों को निकालने के लिए मलबा निकालने की कोशिश होती है, मलबा फिर से टनल में गिर जाता है.
बीते छह दिनों से उत्तरकाशी की सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकाला नहीं जा सका है. सुरंग में फंसे मजदूरों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने की कवायद तेज हो गई है. टनल में हेवी ड्रिलिंग मशीन से बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है. मौके पर तैनात पुलिस व आपदा मोचन बल पूरी तरह से अलर्ट है.
उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी के निर्देशानुसार टनल के सेव पेच में पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, मेडिकल टीमों व अन्य आपदा मोचन बल मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने और जरूरत पड़ने पर मॉक ड्रिल करवाई जा रही है.
उत्तरकाशी के एसपी ने बताया कि टनल में अत्याधुनिक मशीनों की मदद से ड्रिलिंग का काम तेजी से हो रहा है. टनल में फंसे सभी मजदूर सुरक्षित हैं. उन्हें समय-समय पर पानी और ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है. उनका मनोबल बनाए रखने के लिए परिजनों से लगातार बातचीत करवाई जा रही है. पुलिस हेल्प डेस्क से भी परिजनों से संपर्क साधकर पल-पल की अपडेट दी जी गही है.
मौजूदा स्थल पर पुलिस, एनडीआरएप, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और अन्य आपदामोचन बलों की टुकडियां 24 घंटे मुस्तैद हैं. किसी भी आपात स्थिति में त्वरित रेस्क्यू सेवाएं दी जाएगी.
सुरंग में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए पुलिस और आपदा मोचन बल ने बकायदा मॉक ड्रिल भी की. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि किस तरह से इस बचाव कार्य को अंजाम दिया जाएगा. मजदूरों तक पहुंचने के बाद उन्हें स्ट्रैक्चर पर लेटाकर बाहर निकाला जाएगा.
200 मीटर अंदर फंसे हैं मजदूर

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